जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे की शुरुआत अहमदाबाद में हुई। पीएम मोदी के साथ उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 में भाग लिया और साबरमती आश्रम में गांधी जी को श्रद्धांजलि दी। जानें भारत-जर्मनी संबंधों के लिए क्यों खास है यह दौरा।
By: Ajay Tiwari
Jan 12, 202612:37 PM
अहमदाबाद: स्टार समाचार वेब
भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का गुजरात में स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गृह राज्य में चांसलर मर्ज की अगवानी की। दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर एक साथ पतंग उड़ाकर भारत और जर्मनी के प्रगाढ़ होते संबंधों का संदेश दिया।

चांसलर मर्ज ने अपने भारत दौरे का शुभारंभ महात्मा गांधी की कर्मस्थली साबरमती आश्रम से किया। यहाँ दोनों नेताओं ने राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि अर्पित की। मर्ज ने आश्रम की विजिटर बुक में अपना संदेश भी लिखा, जो दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों और सम्मान को दर्शाता है। आश्रम के बाद मोदी और मर्ज साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहाँ अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का आयोजन हो रहा है। दोनों नेताओं ने एक खुली गाड़ी में सवार होकर जनता का अभिवादन किया। पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने एक साथ पतंग की डोर थामी। उन्होंने आसमान में लहराती भारत और जर्मनी के झंडों वाली पतंगों के साथ-साथ भगवान हनुमान के चित्र वाली पतंग भी उड़ाई।

राजनयिक संबंधों का महत्वपूर्ण पड़ाव
मर्ज की यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भारत और जर्मनी के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा, तकनीक और आर्थिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
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