चित्रकूट में संत समाज ने नगर की उपेक्षा और अधूरे विकास कार्यों पर नाराजगी जताई। बैठक में संतों ने मंदाकिनी नदी को गंदगी से बचाने के लिए सीवर योजना शीघ्र पूर्ण कराने, दीपावली से पहले सड़क और नाली निर्माण पूरा करने, मल्टीलेवल पार्किंग बनाने और धार्मिक संस्थाओं में प्रशासनिक दखल पर रोक लगाने की मांग की। सांसद गणेश सिंह और विधायक सुरेंद्र गहरवार ने संतों को आश्वासन दिया कि समस्याओं का समाधान जल्द होगा।

हाइलाइट्स:
चित्रकूट, स्टार समाचार वेब
‘परम पुण्य सलीला मंदाकिनी में नगर का मैला पानी प्रवाहित होने पर रोक लगाना तत्काल सुनिश्चित कराएं तथा मंदाकिनी को निर्मल बनाने वाली सीवर निर्माण योजना के काम को भी अविलम्ब पूर्ण कराएं।’
बीते दिनों संतों ने चित्रकूट विकास को लेकर बरती जा रही उदासीनता के संबंध में नगरवासियों के साथ बैठक करने के बाद बुधवार को सांसद व विधायक के साथ बैठक की। बैठक के दौरान नाराज संत चित्रकूट की जरूरतें गिनाते रहे और सांसद गणेश सिंह समस्याओं को एक पुस्तिका में नोट करते रहे। इस दौरान साधु संतों ने चित्रकूट के पिछड़ापन पर चिंता जताई और सालों से चल रहे निर्माण कार्यों को पूरा करने की मांग उठाई। सांसद गणेश सिंह व विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार की मौजूदगी में आयोजित बैठक में सनकादिक महाराज, महामंडलेश्वर रामनरेश दास, सच्चिदानंद महाराज, संतोषी अखाड़ा के महंत रामजी दास, निर्वाणी अखाड़ा व पूर्वी मुखारविंद के महंत सत्य प्रकाश, भगवत आराधना के संत गोविंद दास, रामप्यारे शरण महाराज, रामप्रिय दास, गोदावरी के माधव दास, सीता शरण महाराज, संतदास, बलराम दास महाराज समेत कई संत महंतों के अलावा एसडीएम महिपाल सिंह, तहसीलदार कमलेश भदौरिया, हिंमांशु शुक्ला, सीएमओ अंकित सोनी, इंजीनियर अमित तिवारी, भाजपा जिला अध्यक्ष भगवती पांडे, विनीता शिवहरे मंडल अध्यक्ष, साधना पटेल नगर पंचायत अध्यक्ष, श्यामदिन शर्मा, कार्तिकेय द्विवेदी, नीरज शर्मा, काशी त्रिपाठी, आशीष पटेल छोटू, महेश गुप्ता, विनीत त्रिपाठी, रविमाला सिंह पार्षद, अनिल जायसवाल डीआरआई, डॉ वरुण गुप्ता डीआरआई, महिपाल सिंह एसडीएम, कमलेश भदौरिया तहसीलदार, हिमांशु शुक्ला तहसीलदार, अंकित सोनी सीएमओ, अमित तिवारी इंजीनियर उपस्थित थे।
दीपावली के पहले हो सड़क-नाली का काम
बैठक के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी चिंता संतों ने जताई। उन्होंने बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान सड़क व नाली निर्माण की ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि काम में तेजी लाई जाए और दीपावली मेले के पहले इन कामों को पूरा कराया जाए ताकि चित्रकूट आने वाले लाखों श्रद्धालु सुगमता के साथ धर्मस्थलों तक पहुंच सकें।
बनाएं मल्टीलेवल पार्किँग, दें वाहन पास की सुविधा
बैठक के दौरान संतों ने चित्रकूट की यातायात व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाए और पार्किंग के अभाव को यातायात के लिए नासूर बताया। संतों ने कहा कि परिक्रमा मार्ग के निकट एक बड़ी रिक्त वन भूमि पर मल्टी पार्किंग का निर्माण किया जा सकता है जहां सैकड़ों वाहन सुविधा के साथ खड़े किए जा सकते हैं। संतों ने कहा कि यातायात व्यवस्था चौपट होने के कारण बाहर से आने वाले कई संतों को परेशानी होती है। इस दौरान संतों ने वाहन पास की सुविधा भी मांगी ताकि संत मेला या भीड़ के दौरान चित्रकूट के स्थलों तक आसानी से पहुंच सकें।
धार्मिक संस्थानों में प्रशासनिक दखल ठीक नही
इस दौरान प्राचीन मुखारबिंद को निर्वाणी अखाड़े से अलग करने को लेकर भी संत समाज के बीच चर्चा हुई। जिसमें संत समाज ने धार्मिक संस्थाओं में बढ़ते प्रशासनिक दखल को लेकर ऐतराज जताया। इस दौरान संत समाज ने कहा कि अखाड़ों की अति प्राचीन परम्परा रही है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। संतों ने कहा कि अखाड़ा परंपरा के अनुसार संचालित संस्थाओं में प्रशासन का दखल आस्था पर प्रहार करने जैसा है।
सांसद ने गिनाए विकास कार्य
इस दौरान सांसद ने संतों की मांगों को नोट करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार चित्रकूट विकास प्राधिकरण के चलते कई विकास कार्य करा रही है, भगवान राम लोक बनाया जा रहा है तो सतना-मैहर -चित्रकूट सड़क फोरलेन बनाई जा रही है जो जल्द ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से जुड़ेगी। सांसद व विधायक ने नाराज संतों को आश्वस्त किया कि जब विकास कार्य पूर्ण हो जाएंगे तो चित्रकूट की तस्वीर बदल जाएगी। सांसद ने आश्वस्त किया संतों की जिन समस्याओं का निदान प्रशासनिक पहल से हो सकता है उनका निदान जल्द ही कलेक्टर से मिलकर कराया जाएगा।
संतों ने ये मांगें भी रखीं


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