सतना के शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कमरा क्रमांक 6 का रहस्य खुल गया है। सूचना के अधिकार में सामने आया कि यह ‘सिक रूम’ वास्तव में अस्थायी रूप से सिर्फ लिखा गया था, जबकि कमरे का उपयोग रिकॉर्ड रखने के लिए किया जा रहा था। नैक मूल्यांकन से पहले महाविद्यालय ने बोर्ड बदलकर डेढ़ लाख रुपए खर्च कर इसे सिक रूम दिखाया। तीन चाबियों, बंद कमरे, और कोई उपचार रिकॉर्ड न होने ने पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सतना के कमरा क्रमांक छह का रहस्य सामने आ गया है। इस कमरा को महाविद्यालय प्रबंधन ने अस्थायी रूप से बनाया था बल्कि कमरा में लिख दिया था। बड़ी बात तो यह है कि इतना लिख कर डेढ़ लाख से ज्यादा की रकम खर्च कर दी गई। यह रहस्य सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में खुला।
जिले के सबसे बड़े महाविद्यालय के कमरा क्रमांक छह को अस्थायी रूप से ‘ सिक रूम’ बनाया नहीं था लिख दिया था। यह भी महाविद्यालय ने नैक की टीम को दिखाने के लिए किया था। मजेदार बात यह रही इस अस्थायी लिखे सिक रूम के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा की राशि खर्च भी की गई थी। जानकारी के मुताबिक शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीएम एक्सीलेंस भी है) के कमरा क्रमांक छह में ‘ सिक रूम’ लिखना केवल नैक को दिखाने के लिए किया गया था। इस बात की जानकारी बगहा निवासी आनंद पांडेय को सूचना के अधिकार में दी गई। महाविद्यालय प्रबंधन ने बिंदु क्रमांक एक में बताया कि ‘ सिक रूम’ नैक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लर्निंग रिसोर्स कम्पोनेंट में स्टूडेंट हेल्प के लिए है।
लॉकर है या सिक रूम
जिस सिक रूम को लेकर पिछले दिनों विद्यार्थियों ने आंदोलन किया था, उस रूम की तीन चाबियां हैं। महाविद्यालय ने जानकारी दी कि कमरा क्रमांक 6 की तीन चाबियां। एक कार्यालय के निर्धारित स्थान पर, दूसरी प्राचार्य कक्ष में और तीसरी लेखापाल के पास होती है। यहां यह जानना महत्वपूर्ण है कि आखिर ‘ सिक रूम’ में ऐसा क्या रखा था कि महाविद्यालय को तीन-तीन स्थान पर चाबी रखनी पड़ी। सवाल ये है कि महाविद्यालय तीन चाबी क्यों रख रहा था? क्या कोई लॉकर था?
कमरा है पर उपचार नहीं
महाविद्यालय प्रबंधन ने इस कमरा को इस लिए भी रहस्य बनाये रखा क्योंकि यहां उपचार की उपकरण तो थे लेकिन किसको उपचार मिला यह बात कहीं लिखी नहीं गयी। यही कारण था कि इस सिक रूम मे ताला लगा रहा। सूचना के अधिकार के प्रश्नों का जवाब महाविद्यालय प्रबंधन ने बताया है कि अचानक अस्वस्थ हुए विद्यार्थियों और आवश्यकता पड़ने पर खोला जाता है। लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। यानि महविद्यालय ने उपकरण का उपयोग क्या किया? किस अस्वस्थ विद्यार्थी और स्टाफ का इलाज किया गया या इन उपकरणों का उपयोग किया इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखता है।
इसका मतलब रिकॉर्ड रूम था
नैक की टीम के मूल्यांकन से पहले महाविद्यालय रिकॉर्ड रूम के बाहर सिक रूम लिखा दिया था। महाविद्यालय ने लिख के दिया है कि कमरा क्रमांक छह में मुख्य लिपिक, राजपत्रित स्थापना, अराजपत्रित स्थापना, लेखा शाखा, कैशियर, शुल्क लिपिक आदि के अभिलेख यानी रिकॉर्ड रखे होते हैं। कुल मिलाकर नैक जैसी संस्था को झांसे में रखने के लिए रिकॉर्ड रूम में सिक रूम लिख दिया।
अय्याशी के अड्डे का आरोप
नेशनल स्टूडेंट यूनियन आॅफ इंडिया ने दो माह पहले कमरा क्रमांक 6 को लेकर अय्याशी का अड्डा का आरोप लगाते हुए आंदोलन किया था। 28 अक्टूबर 2025 को हुए आंदोलन के दौरान इस रहस्यमय कमरा को खोला गया था, तब पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। जब यह कमरा खोला गया था,तब इस कमरे में अलमारी के बीच तखत रखा हुआ मिला था।


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