सतना जिला अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव एक्सीडेंट पीड़ित की सफल हड्डी सर्जरी कर मानवता की मिसाल पेश की गई।
By: Yogesh Patel
Jan 15, 20263:52 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
कहते हैं चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप है यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा। इस कहावत को जिला अस्पताल सतना के चिकित्सकों ने पूरा करके दिखाया। जिला अस्पताल में बुधवार को एक्सीडेंट में घायल एचआईवी मरीज की सफलता पूर्वक हड्डियों की सर्जरी कराई गई। सर्जरी के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया गया है, इसके अलावा पीड़ित की एचआईवी की दवा भी शुरू कर दी गई है। पीड़ित की सर्जरी जिला अस्पताल की अस्थि रोग की मॉड्यूलर ओटी में अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. शरद दुबे एवं डॉ. अतीक खान द्वारा किए गया वहीं डॉ. शुभी एनेस्थीसिया विभाग से मौजूद रहीं। पीड़ित सतना जिले का रहने वाला है और पेशे से ड्राइवर है। रविवार को पीड़ित एक्सीडेंट में दुर्घटना ग्रस्त हो गया था जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया जहां इमरजेंसी के डॉक्टरों ने पीड़ित को एक्स -रे और खून जांच की सलाह दी थी।
बताया गया कि जैसे ही पीड़ित की खून जांच की गई चिकित्सकों के रोंगटे खड़े हो गए। मरीज की एचआईवी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसे में सावधानी रखनी जरूरी थी। लिहाजा मरीज के माता पिता को भी सूचित किया गया और जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर को सूचना दी गई और पीड़ित को रजिस्टर्ड कर दवा शुरू कर दी गई। एचआईवी का पता चलते ही माता- पिता और पत्नी की भी स्क्रीनिंग कराई गई लेकिन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बुधवार को सर्जरी करने का प्लान बनाया गया। प्लान बनाकर सफल सर्जरी कराई गई और पीड़ित को नया जीवनदान दिया। पीड़ित के पैर और टखने की हड्डी की सर्जरी की गई।
रीवा के चिकित्सकों ने खड़े किए हाथ
बताया गया कि जैसे ही पता चला कि पीड़ित एचआईवी पॉजिटिव है परिवार के सामने बड़ा पहाड़ खड़ा हो गया। मरीज को भर्ती कर माता- पिता भी छोड़ के चले गए। ऐसे में मरीज ने रीवा मेडिकल कॉलेज में सर्जरी कराने का फैसला किया। पीड़ित जैसे ही रीवा पहुंचा और डॉक्टरों को पता चला कि मरीज एचआईवी पॉजिटिव है, चिकित्सकों ने रिफ्यूज कर दिया और सर्जरी करने से मना कर दिया। हालातों को देखकर मरीज दोबारा जिला अस्पताल सतना आया।
एआरटी से शुरू हुई दवाई
जिला अस्पताल में संचालित एआरटी एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी सेंटर में पीड़ित को रजिस्टर्ड कर इंजेक्शन और दवाईयां शुरू कर दी गई हंै। जिला अस्पताल के एचआईवी टीम भी पीड़ित और परिवार के ऊपर नजर बनाए रखे हुए है। सभी की ट्रेसिंग और स्क्रीनिंग भी की जा रही है। एआरटी ऐसा सेंटर है जहां एचआईवी पीड़ित की दवाइयां की जाती हैं।