इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है। 150 लोग बीमार हैं। कांग्रेस ने प्रदेशभर में भाजपा नेताओं के बंगलों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।

भोपाल में प्रदर्शन करते कांग्रेसी.
इंदौर/भोपाल:
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इस समय भीषण स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। दूषित पानी पीने के कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अलग-अलग अस्पतालों के आईसीयू (ICU) में भर्ती गंभीर मरीजों को बॉम्बे हॉस्पिटल में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।
क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग नल के पानी का उपयोग करने से कतरा रहे हैं। प्रशासन टैंकरों के जरिए जलापूर्ति कर रहा है, लेकिन शुद्ध पेयजल की भारी मांग के कारण अब गलियों में निजी कंपनियों की पानी की गाड़ियां बिकती नजर आ रही हैं। नगर निगम की टीमें इलाके के बोरिंग और पाइपलाइन में लीकेज की सघन जांच कर रही हैं ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके।
इस त्रासदी को लेकर सियासत भी गरमा गई है। रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में भाजपा विधायकों और सांसदों के बंगलों के बाहर 'घंटा बजाओ' प्रदर्शन किया।

भोपाल: कार्यकर्ता सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा व भगवान दास सबनानी के बंगले पर घंटा बजाते हुए पहुंचे और 'रघुपति राघव राजा राम' भजन गाकर विरोध दर्ज कराया।
मंदसौर: उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और सांसद सुधीर गुप्ता के आवास का घेराव किया गया। यहाँ पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की।
कटनी: विधायक संदीप जायसवाल के बंगले पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। जहाँ कांग्रेस शोक मना रही थी, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के 'डांस' करने पर विवाद और बढ़ गया, जिसे काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने इन मौतों को प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए इसे 'हत्या' करार दिया। पटवारी ने इंदौर के प्रभारी मंत्री व मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने घोषणा की कि 11 जनवरी से कांग्रेस कार्यकर्ता गली-गली जाकर जनता को सरकार की विफलताओं के प्रति जागरूक करेंगे।
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