इंदौर सराफा व्यापारियों ने चोरी रोकने के लिए चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों से लेन-देन न करने का फैसला लिया है। जानें क्या है नकाब, हिजाब और मास्क को लेकर नया नियम।
By: Ajay Tiwari
Jan 15, 20264:17 PM
इंदौर: स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का प्रसिद्ध सराफा बाजार अपनी सुरक्षा नीतियों को लेकर चर्चा में है। बढ़ती चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए इंदौर सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों को अपना चेहरा स्पष्ट दिखाना अनिवार्य होगा। यदि कोई पुरुष या महिला हिजाब, नकाब, मास्क, हेलमेट या किसी अन्य कपड़े से चेहरा ढककर दुकान में प्रवेश करते हैं, तो व्यापारी उनके साथ किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करेंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी के अनुसार, हाल के दिनों में नकाब और हिजाब की आड़ में गहने चोरी होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। सराफा व्यापारियों का कहना है कि चेहरा ढका होने के कारण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज होने के बावजूद अपराधियों की पहचान करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। विशेष रूप से 10 लाख रुपये के गहनों की एक हालिया चोरी इस फैसले के लिए 'टर्निंग पॉइंट' साबित हुई। व्यापारियों का तर्क है कि महंगे आभूषणों के व्यापार में सतर्कता बेहद जरूरी है और सुरक्षा की दृष्टि से ग्राहक की पहचान सुनिश्चित करना उनका अधिकार है।
नए नियमों के मुताबिक, किसी भी अनजान ग्राहक को सामान दिखाने से पहले दुकानदार यह सुनिश्चित करेंगे कि उसका चेहरा कैमरे में साफ दिखाई दे। हालांकि, एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल सुरक्षा उद्देश्यों के लिए है। जो पुराने और परिचित ग्राहक हैं, उन्हें इस नियम से छूट मिल सकती है। व्यापारियों का कहना है कि वे किसी की धार्मिक परंपरा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन व्यापारिक सुरक्षा के लिए पहचान की पारदर्शिता अनिवार्य है।
इस फैसले ने शहर में एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ सुरक्षा विशेषज्ञों और व्यापारियों ने इसे 'स्मार्ट सुरक्षा' की दिशा में जरूरी कदम बताया है, वहीं दूसरी ओर कुछ वर्गों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर इसका विरोध शुरू किया है। इस विवाद के बीच ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन जैसे राष्ट्रीय संगठन भी अब इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करने पर विचार कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह एक राष्ट्रव्यापी नियम बन सकता है।