ईरान के सरकारी टीवी पर डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी भरा वीडियो प्रसारित किया गया है। पेंसिल्वेनिया हमले का जिक्र करते हुए ईरान ने कहा 'निशाना नहीं चूकेगा'। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

ट्रंप पर गोली चलने का फोटो। फाइल
तेहरान। स्टार समाचार वेब
ईरान में जारी आंतरिक अशांति और अमेरिका के बढ़ते हस्तक्षेप ने मध्य-पूर्व में एक नए और खतरनाक संकट को जन्म दे दिया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने हाल ही में एक विवादित फुटेज प्रसारित किया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग अब सैन्य टकराव के मुहाने पर पहुँच गई है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन (IRINN) पर दिखाए गए फुटेज में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप पर हुए पिछले जानलेवा हमले का जिक्र किया गया है। वीडियो में फारसी भाषा में एक संदेश लिखा गया है, जिसका अर्थ है— "इस बार निशाना नहीं चूकेगा"। यह वीडियो तेहरान में आयोजित एक शोक सभा के दौरान प्रसारित किया गया, जहाँ 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगाए जा रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधे तौर पर अमेरिका को उकसाने और ट्रंप के खिलाफ बदले की भावना को भड़काने का प्रयास है।
ईरान और ट्रंप के बीच यह दुश्मनी नई नहीं है। जनवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या कर दी गई थी। तभी से ईरान ने बार-बार ट्रंप से बदला लेने की कसम खाई है। अमेरिकी न्याय विभाग भी पहले कई ऐसी साजिशों को नाकाम करने का दावा कर चुका है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा ट्रंप की हत्या के लिए भाड़े के हत्यारों को काम सौंपने की बात कही गई थी।
ईरान ने अपने वीडियो में 2024 के उस हमले की तस्वीरों का इस्तेमाल किया है, जिसमें बटलर, पेंसिल्वेनिया में एक रैली के दौरान थॉमस क्रूक्स नामक हमलावर की गोली ट्रंप के कान को छूकर निकल गई थी। ईरान का यह नया पोस्टर और वीडियो यह संकेत देता है कि वह अमेरिका की किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के जवाब में ट्रंप को निजी तौर पर निशाना बनाने की योजना बना रहा है। फिलहाल, अमेरिका ने इस ताजा धमकी पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देने की तैयारी कर ली है।

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