भोपाल में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में सीएम डॉ. मोहन यादव ने 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा की। जानें एमपी शिक्षा नीति और शिक्षकों के लिए लिए गए बड़े फैसले।
By: Ajay Tiwari
Jan 28, 20267:07 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राजधानी के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित 'प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन' को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को वंदनीय बताते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आए क्रांतिकारी सुधारों और आगामी योजनाओं को साझा किया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने बड़े ऐलान भी किए।

200 नए सांदीपनि विद्यालय: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सांदीपनि और पीएमश्री विद्यालयों की सफलता को देखते हुए इसी सत्र से प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे।
शून्य ड्रॉप-आउट रेट: सीएम ने खुशी जताई कि शिक्षकों के अथक प्रयासों से शासकीय स्कूलों के परीक्षा परिणाम बेहतर हुए हैं और प्रदेश में बच्चों की 'ड्रॉप-आउट' दर शून्य हो गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020): मध्य प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है जिसने सबसे पहले नई शिक्षा नीति लागू की। अब राज्य ए.आई. (AI), कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
शिक्षकों को सौगात: राज्य के लगभग 1.5 लाख शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 322 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।

सम्मेलन के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ने अपनी भौतिक शास्त्र (Physics) की शिक्षिका कोकिला सेन का सम्मान किया और उनके चरण छूकर आशीर्वाद लिया। इसी प्रकार स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी अपने गुरु श्री बद्री प्रसाद तिवारी का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति (Vice-Chancellor) को अब 'कुलगुरु' के नाम से संबोधित किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर और 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' पुस्तिका का विमोचन भी किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्कूल भवनों के निर्माण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपना योगदान जारी रखें।