मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों पर अब सार्वजनिक परिवहन चलेगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली 10 IAS अधिकारियों की टीम करेगी मॉनिटरिंग।
By: Ajay Tiwari
Jan 28, 20266:01 PM
भोपाल. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत केवल सड़कें बनाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उन सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी IAS अधिकारियों की होगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशों के बाद प्रदेश में मुख्य सचिव (Chief Secretary) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय 'राज्य स्तरीय स्थायी समिति' (State Level Standing Committee) का गठन किया गया है। इस विशेष टीम में कुल 13 सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें 10 वरिष्ठ IAS अधिकारी और 3 तकनीकी विशेषज्ञ हैं। यह कमेटी न केवल सड़कों के निर्माण पर नजर रखेगी, बल्कि प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए भी जवाबदेह होगी।
कमेटी के मुख्य कार्य और उत्तरदायित्व
निरीक्षण और समीक्षा
अब हर तिमाही (Quarterly) योजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। यह कमेटी भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों का अनुमोदन भी करेगी, जिससे दिल्ली और भोपाल के बीच प्रोजेक्ट्स को लेकर बेहतर समन्वय (Coordination) बना रहे।
कमेटी का यह रहेगा स्वरूप
मुख्य सचिव – अध्यक्ष होंगे। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त – सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सदस्य सचिव रहेंगे। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण विभाग, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, युक्त सचिव, भारत सरकार – ग्रामीण विकास मंत्रालय से नामांकित प्रतिनिधि, पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव परिवहन विभाग, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव खनिज साधन विभाग, राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, राज्य स्तरीय तकनीकी एजेंसी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण असैा मुख्य अभियंता, एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण सदस्य रहेंगे।