मध्य प्रदेश के जबलपुर और परासिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन। EOW ने ₹5000 की रिश्वत लेते अकाउंटेंट शैलेन्द्र शर्मा को पकड़ा। रिटायरमेंट फंड रोकने का था आरोप
By: Ajay Tiwari
Feb 17, 20264:53 PM
जबलपुर/छिंदवाड़ा:
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत मंगलवार को दो अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई की गई। जबलपुर में जहाँ लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के एक टिकट कलेक्टर को घूस लेते दबोचा, वहीं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने छिंदवाड़ा जिले की परासिया नगरपालिका के अकाउंटेंट को रिश्वत की आखिरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
परासिया में हुई कार्रवाई का मामला एक गरीब सफाईकर्मी के शोषण से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, लाल जी नामक कर्मचारी अगस्त 2025 में सफाईकर्मी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के छह महीने बाद भी उन्हें न तो ग्रेच्युटी मिली और न ही उनकी पेंशन शुरू हुई। पीड़ित अपनी मेहनत की कमाई के लिए दफ्तरों के चक्कर काटकर परेशान हो चुका था।
नगर पालिका डोंगर परासिया में पदस्थ अकाउंटेंट शैलेन्द्र शर्मा ने पीड़ित का काम कराने के बदले 25 हजार रुपए की डिमांड की थी। गरीब सेवानिवृत्त कर्मचारी ने उम्मीद में पहले ही 20 हजार रुपए आरोपी को दे दिए थे, लेकिन लालची अकाउंटेंट ने बाकी के 5 हजार रुपए के लिए भुगतान की फाइल रोक रखी थी।
परेशान होकर पीड़ित ने 13 फरवरी 2026 को EOW जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को दोपहर में जैसे ही अकाउंटेंट शैलेन्द्र शर्मा ने नगरपालिका कार्यालय में रिश्वत की शेष राशि (5,000 रुपए) ली, पहले से तैयार EOW की टीम ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए।
EOW टीम ने मौके से प्रार्थी की पेंशन और ग्रेच्युटी से संबंधित फाइलें और दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उधर, जबलपुर नगर निगम में भी लोकायुक्त की टीम ने टिकट कलेक्टर पर कार्रवाई कर यह संदेश दिया है कि आम जनता को परेशान करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों की अब खैर नहीं।