मध्य प्रदेश सरकार ने 19,287.32 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया है। इसमें सिंचाई, सड़क विकास और कर्ज भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है।
By: Star News
Feb 17, 20268:29 PM
भोपाल. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 (और आगामी प्राथमिकताओं) के लिए 19,287.32 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक अनुमान विधानसभा में प्रस्तुत किया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और वित्तीय देनदारियों को व्यवस्थित करना है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर चर्चा के लिए 23 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
सरकार ने इस अनुपूरक बजट को राजस्व और पूंजीगत मदों में इस प्रकार विभाजित किया है:
| मद | आवंटित राशि (करोड़ में) |
| कुल बजट | 19,287.32 |
| राजस्व मद (Revenue) | 8,934.03 |
| पूंजीगत मद (Capital) | 10,353.29 |
सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कुल 1,650 करोड़ रुपये का प्रावधान पुराने और नए कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए किया है:
950 करोड़ रुपये: नए बाजार ऋण के ब्याज भुगतान हेतु।
700 करोड़ रुपये: पुराने ऋणों की ब्याज अदायगी के लिए।
निवेश प्रोत्साहन: औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग को 1,250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ऊर्जा सहायता: सरकारी बिजली कंपनियों को शॉर्ट-टर्म लोन के लिए 2,630 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
MSME: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम प्रोत्साहन योजना के लिए 213 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
नर्मदा घाटी विकास: सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए 4,700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि।
जल जीवन मिशन: घर-घर पानी पहुँचाने के लिए 300 करोड़ रुपये अतिरिक्त।
बांध निर्माण: जल संसाधन विभाग को 300 करोड़ रुपये का आवंटन।
लोक निर्माण विभाग (PWD) को बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए विशेष बजट मिला है:
भूमि अधिग्रहण मुआवजा: 1,337 करोड़ रुपये।
ग्रामीण एवं जिला मार्ग: 225 करोड़ रुपये।
पुल निर्माण: 125 करोड़ रुपये।
छात्रों को लाभ: मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लिए 600 करोड़ रुपये और शिक्षा प्रोत्साहन के लिए 120 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
स्थानीय निकाय: 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर नगरीय निकायों को 1,569 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
पंचायत: अतिरिक्त स्टांप शुल्क के बदले पंचायतों को 605 करोड़ रुपये मिलेंगे।