भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर भारतीय रेलवे की विरासत का प्रतीक, ऐतिहासिक नैरो गेज इंजन NG LOCO नं. 514 स्थापित किया गया है। जानें इस 22 टन वजनी इंजन का इतिहास और महत्व।

भोपाल. स्टार समाचार वेब.
रानी कमलापति स्टेशन पर अब भारतीय रेलवे की गौरवशाली धरोहर को यात्री देख सकेंगे। पश्चिम मध्य रेलवे ने स्टेशन के मुख्य द्वार पर नैरो गेज का ऐतिहासिक इंजन NG LOCO नं. 514 (ZDM5) स्थापित किया है। यह इंजन करीब तीन दशक तक 762 मिमी की पटरियों पर दौड़ा था।
यह पहल रेलवे की तकनीकी विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए की गई है। मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह 22 टन वजनी इंजन धौलपुर से भोपाल लाया गया। इसे रेलवे बोर्ड ने 3 नवंबर 2023 को 'हेरिटेज एसेट' का दर्जा दिया था। अब यह इंजन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे के विकास की कहानी का एक सजीव दस्तावेज बन गया है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि 22 टन वजनी यह इंजन 3 जून 1991 को धौलपुर से अपनी परिचालन यात्रा पर निकला था और करीब तीन दशक तक नैरो गेज (762 मिमी) पटरियों पर दौड़ता रहा। इसकी अंतिम नियमित यात्रा 1 अप्रैल 2019 को टंटपुर-मथुरा खंड में हुई थी। इसके बाद 30 मार्च 2023 को अंतिम बार तकनीकी परीक्षण के रूप में इंजन को चलाया गया और 1 अप्रैल 2023 को औपचारिक रूप से इसे सेवामुक्त किया गया। डीजल वैक्यूम प्रणाली पर आधारित इस लोकोमोटिव का अनुरक्षण उत्तर मध्य रेलवे के धौलपुर डीजल लोको शेड द्वारा किया जाता था।
रेलवे बोर्ड ने 3 नवंबर 2023 को इसे ‘हेरिटेज एसेट’ का दर्जा प्रदान किया। इस इंजन को 23 जुलाई 2025 को धौलपुर से भोपाल लाया गया और अब यह रानी कमलापति स्टेशन के प्रवेश द्वार पर स्थायी रूप से प्रदर्शित किया गया है। यह यात्रियों के लिए न केवल देखने लायक विरासत है, बल्कि भारतीय रेलवे के विकास की कहानी को समझने का एक सजीव दस्तावेज भी है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।