रीवा नगर निगम ने दूषित पानी की समस्या से निपटने के लिए टास्क फोर्स गठित की है। महापौर अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि निर्बाध, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है, अवैध नल कनेक्शन पर एफआईआर होगी।
By: Yogesh Patel
Jan 06, 20269:18 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
शहर में जलापूर्ति की स्थिति, वितरण व्यवस्था एवं पेयजल से जुड़ी चुनौतियों तथा सुधार हेतु नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में महापौर अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि शहर में गंदे पानी की समस्या को लेकर नगर निगम की टीम पूरी तरह सतर्क है।
नगर निगम द्वारा एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो दूषित पानी से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण करेगी। इंदौर की घटना पर दुख जताते हुए महापौर ने कहा कि रीवा नगर निगम पूरी तरह से सजग है। इंदौर की घटना के पश्चात निगरानी को और सुदृढ़ किया गया है। महापौर ने स्पष्ट किया कि नगरवासियों को निर्बाध, स्वच्छ एवं पर्याप्त जल आपूर्ति उपलब्ध कराना नगर पालिक निगम की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। जलकर वसूली में कार्यरत 15 कर्मचारियों को अतिरिक्त दायित्व सौंपे गए हैं, जो दूषित पानी, लो-प्रेशर अथवा जल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति पर नजर रखेगी और प्रतिदिन की रिपोर्ट से अवगत कराएंगे।
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अवैध नल कनेक्शन करने वाले व्यक्ति पर करें एफआईआर
शहर के सभी व्यावसायिक (कमर्शियल) एवं आवासीय भवनों के अवैध नल कनेक्शनों की जॉच करने के निर्देश दिए एवं नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शहर में अवैध जल कनेक्शन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। सीवर कार्यों की समीक्षा करते हुए महापौर ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सीवर लाइन का कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन रिस्ट्रोरेशन अभी तक नहीं हुआ है, वहां गुणवत्तापूर्वक कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर की मुख्य सड़कों पर स्थित सीवर चैम्बर एवं मैनहोल जो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। महापौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिना पीएचई एवं सीवर विभाग से एनओसी लिए बिना शहर में किसी भी सड़क का निर्माण कार्य न किया जाए।
यह रहे मौजूद
बैठक के दौरान मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य धनेन्द्र सिंह बघेल, रमा दुबे, रवि तिवारी, गुलाम अहमद, नजमा बेगम, सूफिया सहफूज खान, गायत्री लखन खण्डेलवाल, आरती बक्सरिया, जनप्रतिनिधि अशोक पटेल एवं कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह, सिद्धार्थ सिंह, सहायक यंत्री राजेश मिश्रा, एसएन द्विवेदी, पीडीएमसी एवं सीएमआर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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95 एमएलडी बढ़ाई जाएगी जल उत्पादन क्षमता
महापौर ने जानकारी दी कि नगर की जल आपूर्ति व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़ करने हेतु अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जल प्रदाय प्रणाली के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तीव्र गति से प्रगतिरत है। इसके अंतर्गत जल उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 95 एमएलडी, जल भंडारण क्षमता को 36 टंकियों के माध्यम से 410 लाख लीटर, तथा वितरण पाइपलाइन को लगभग 1000 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाना प्रस्तावित है।
जलापूर्ति के लिए बनाई गई विस्तृत योजना
महापौर अजय मिश्रा बाबा ने बताया कि इस बार शहर को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण नगर क्षेत्र को कवर करते हुए विस्तृत योजना बनाई गई है, जिसकी कुल लागत 162 करोड़ रुपये है। उक्त योजना का कार्य प्रगतिरत है एवं इसे मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, बिना वित्तीय बाधा के समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने हेतु 50 करोड़ रुपये की मांग शासन को प्रेषित की गई है।
60 किमी होगी पाइप लाइन शिफ्टिंग
दूषित पानी की समस्या को लेकर महापौर ने बताया कि जहां जल पाइपलाइन के ऊपर नाली का निर्माण किया गया है, वहां लीकेज के कारण समस्या उत्पन्न होती है। इसके समाधान हेतु 60 किलोमीटर पाइपलाइन शिफ्टिंग का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यत: वार्ड क्रमांक 12 खुटेही, वार्ड 11 पंप हाउस, वार्ड 15 एवं 16 आजाद नगर तथा वार्ड 14 संजय नगर क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जहां शीघ्र पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य कराया जाएगा।