रीवा में राहत की सांस, पानी उतरा तो उभरे नुकसान के निशान लगातार बारिश और बाढ़ के संकट के बाद रीवा शहर में अब हालात सामान्य होने लगे हैं। नदियों का जलस्तर घटा है, लोग राहत शिविरों से लौट चुके हैं और जनजीवन पटरी पर आ रहा है। हालांकि जलभराव वाले इलाकों में अब भी कीचड़ और कचरे की सफाई जारी है। ईको पार्क, रिवर फ्रंट सहित कई मोहल्लों में हुआ भारी नुकसान। प्रशासन सर्वे और राहत कार्य में जुटा है।

दो दिन से बारिश थमी तो कम हुआ नदियों का जल स्तर
रीवा, स्टार समाचार वेब
दो दिनों से थमी बारिश से नदियों का जल स्तर सामान्य हो गया। जल भराव वाले क्षेत्र भी खाली हो गये हैं। प्रभावित राहत शिविरों से अपने घर को लौट चुके हैं। आम जन जीवन भी पटरी पर आ गया है। हालांकि जिन मोहल्लों में पानी भरा था वहां बाढ़ का कचरा अभी भी मौजूद है, जिसे साफ करने का सिलसिला नगर निगम की टीम कर रही है। वहीं प्रशासन आगे आने वाली बाढ़ के खतरे से निपटने के लिये तैयारी में जुटा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार की रात जिले में मूसलाधार बारिश हुई थी। करीब 8 इंच की बारिश ने ना सिर्फ नदियों का जल स्तर बढ़ा दिया था, बल्कि शहर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गये थे। खैरी नईबस्ती तो पूरी तरह से डूब गई थी, जहां से लोगों को नाव व स्टीमर की मदद से रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया गया था। शनिवार की सुबह से बारिश का दौर थम गया। ऐसे में देर शाम से नदियों का जल स्तर कम होने लगा। इसके साथ ही जिन मोहल्लों व कालोनियों में पानी घुसा था वह भी रविवार की सुबह तक निकल गया। लेकिन जल भराव अपने पीछे कीचड़ व कचरा छोड़ गया है। जिसे लोग अब साफ करने में जुटे हैं। नगर निगम की टीम भी साफ-सफाई अभियान में जुटी हुई है। लोग अपने नुकसानी का आकलन कर रहे हैं। शहर के बिछिया, निपनिया, पद्मधर कालोनी, बांसघाट समेत नदी के किनारे की बसाहट को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
ईको पार्क व रिवर फ्रंट को भी नुकसान
शहर की शान कहे जाने वाले रिवर फ्रंट व ईको पार्क भी बाढ़ से काफी नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि बीहर नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण दोनों डूब गये थे। करीब 24 घंटे तक यह जलमग्न रहे। इसके अलावा शहर के बिछिया, निपनिया, बांसघाट, पद्मधर कालोनी, झिरिया मोहल्ला में रहने वाले लोगों को भी जल भराव के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रशासनिक टीम सर्वे में जुटी
रविवार की सुबह जल स्तर कम होने के साथ ही प्रशासनिक टीम प्रभावित क्षेत्रों में जायजा लेने पहुंची। इस दौरान यहां रहने वाले लोगों से मिलकर नुकसानी का आकलन किया। बताया गया है कि सर्वे के आधार पर प्रभावितों को राहत राशि प्रदान की जायेगी।
राहत शिविरों में पहुंचाया गया भोजन
शहर में बनाये गये राहत शिविरों में सैकड़ों को लोगों को पनाह दिया गया था। इसमें महिला व बच्चे समेत बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल थे। इन लोगों को शिविर में ही भोजन व पानी के साथ नाश्ते की व्यवस्था की गई। दो दिनों तक इनकी देखरेख की गई। इसके अलावा प्रभावितों को अनाज की व्यवस्था भी की गई है, जिससे उनका जीवन यापन चलता रहे।


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