नीट परीक्षा में बिजली गुल होने से प्रभावित इंदौर-उज्जैन के 75 छात्रों की दोबारा परीक्षा की मांग हाईकोर्ट ने खारिज की। कोर्ट ने परिणाम घोषित करने और भविष्य में पर्याप्त इंतजाम रखने के निर्देश दिए। जानें आगे क्या होगा।

इंदौर. स्टेट समाचार वेब
इंदौर और उज्जैन संभाग के उन 75 नीट अभ्यर्थियों को झटका लगा है जो बिजली गुल होने के कारण ठीक से परीक्षा नहीं दे पाए थे और दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे थे। हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए दोबारा परीक्षा कराने की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के इन 75 छात्रों के परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है।
हाई कोर्ट ने गुरुवार को ही इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे सोमवार को सुनाया गया। कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी को भविष्य के लिए भी हिदायत दी है कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं रखी जाएं, खासकर बिजली गुल होने जैसी स्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजाम अनिवार्य रूप से होने चाहिए।
प्रभावित छात्रों ने दलील दी थी कि यदि दोबारा परीक्षा नहीं होती है तो उनका भविष्य खराब हो जाएगा, क्योंकि इंदौर और उज्जैन संभाग में 4 मई को तेज हवा और बारिश के कारण कई घंटों तक बिजली गुल रही थी। इससे कुछ परीक्षा केंद्रों पर अंधेरा छा गया और छात्रों को पेपर देने में दिक्कत हुई।
वहीं, नीट की ओर से यह तर्क दिया गया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम थे और अन्य अभ्यर्थियों ने भी उन्हीं केंद्रों पर परीक्षा दी थी जिनके परिणाम घोषित हो चुके हैं। नीट ने यह भी बताया कि इस मामले में एक कमेटी गठित की गई थी, जिसने जांच के बाद दोबारा परीक्षा के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद, प्रभावित छात्र अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इस पूरे मामले ने परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं।

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