सतना और मैहर जिलों में रबी फसलों के बीमा आवेदन बीते साल की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम दर्ज किए गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि नजदीक होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसान बीमा सुरक्षा से बाहर हैं, जिससे भविष्य के जोखिम बढ़ सकते हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बीते साल की अपेक्षा इस साल रबी फसलों का बीमा 50 फीसदी कम हुआ है। यह तब है जब अंतिम तारीख के मात्र चार दिन ही शेष हैं। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के जिला कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के तहत सतना-मैहर जिला में रबी फसलों का बीमा पचास फीसदी आवेदन ही हो सके हैं। शनिवार तक मैहर जिला के 12 हजार 74 किसानों के और सतना जिला में 51 हजार 4 सौ 50 किसानों के आवेदन ही आ सके थे। जबकि बीते रबी सीजन में मैहर जिला में 26 हजार 8 सौ 55 और सतना जिला में 1 लाख 8 हजार 69 किसानों ने आवेदन किया था।
ऋणी-अऋणी एक स्थिति & फसल बीमा में ऋणी-अऋणी किसान दोनों ही आवेदन कर सकते हैं हालांकि यह उनकी इच्छा पर निर्भर है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के जिला कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मैहर जिला में 11 हजार 9 सौ 67 ऋणी किसान और 1 सौ 7 अऋणी किसान इसी तरह सतना जिला 51 हजार 2 सौ 40 ऋणी और 2 सौ 10 अऋणी किसानों के आवेदन आए। बीते रबी सीजन में मैहर जिला में 26 हजार 6 सौ 92 ऋणी, 1 सौ 63 अऋणी तथा सतना जिला में 1 लाख 7 हजार 126 ऋणी, 9 सौ 43 अऋणी किसानों ने बीमा के लिए आवेदन किया था।
1 दिसंबर से शुरू हुआ
चालू सीजन के लिए फसल बीमा के लिए चार दिन शेष है। राष्ट्रीय फसल बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक मधुसूदन तिवारी ने बताया कि जिलों में रबी फसल बीमा की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू की गई थी। अधिसूचित फसलों का बीमा कराने का अवसर 31 दिसंबर 2025 तक दिया गया है। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की अनिश्चितता, कीट-रोग प्रकोप और अन्य जोखिमों से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
इन फसलों के लिए बीमा
ये आवेदन मुख्य रूप से गेहूं, चना, मसूर, राई, सरसों और राई-सरसों मिश्रित फसलों के लिए प्राप्त हुए हैं। आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसान बीमा कवरेज से बाहर हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ। आज खुलते के साथ ही शेयर मार्केट औंधे मुंह गिर गया। इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बिहार में 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का एलान किया है। भागलपुर के पीरपैंती में पावर प्रोजेक्ट और सारण में आई हॉस्पिटल का उद्घाटन। पढ़ें पूरी खबर।
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम आज एक बार फिर एक रुपए प्रति किलो बढ़ा दिए गए। इससे पहले गैस कंपनियों ने शुक्रवार को सीएनजी की कीमतें दो रुपए प्रति किलो बढ़ा दी थी। पिछले तीन दिन में सीएनजी तीन रुपए महंगी हुई है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर तीन रुपए प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। इसके साथ ही डीजल और जेट फ्यूल पर टैक्स घटाया है।
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे मुकदमे के निपटारे पर सहमति दी है।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिर कारोबारी दिन शुक्रवार की शुरुआत पॉजिटिव रही। प्रमुख बेंचमॉर्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 हरे निशान पर ट्रेड करते हुए ओपन हुए। इससे पहले मार्केट में गुरुवार के कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली थी।
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज घरेलू शेयर बाजार में राहत की किरण नजर आ रही है। बीते कुछ दिनों से बिकवाली का दबाव झेल रहे बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबर करते दिख रहे हैं। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बढ़त के बाद बेंचमार्क सूचकांकों पर बिकवाली का जोर दिखा।
देश में आज से दूध महंगा हो गया है। देर शाम दिग्गज कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने एक के बाद एक अपनी पैकेज्ड मिल्क की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था और गुरुवार को महंगाई का झटका देश की जनता को लगा है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।
बीते रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी और 24 घंटे के भीतर ही अपनी इस अपील को दोहराया भी था। अब सरकार ने गोल्ड को लेकर एक बड़ा फैसला ले लिया है।