डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम 2002 में राष्ट्रपति चुने गए थे। उस समय लालकृष्ण आडवाणी भाजपा में बेहद मजबूत स्थिति में थे। ऐसे में भाजपा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए कलाम के नाम पर विचार करने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी का नाम सुझाया था।
उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद आज पहली बार सार्वजनिक मंच पर दिखाई देंगे जगदीप धनखड़। संघ पदाधिकारी डॉ. मनमोहन वैद्य की पुस्तक हम और यह विश्व के विमोचन कार्यक्रम को लेकर पूरे राजनीतिक और बौद्धिक जगत की नजरें धनखड़ के संबोधन पर टिकी हैं।
NCERT ने पाठ्यपुस्तकों पर मिले फीडबैक की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। जानें क्यों यह कदम उठाया गया है और कक्षा 8 की नई इतिहास की किताब में मुगलों के बारे में क्या नया लिखा गया है।
मऊगंज के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरदमन में जुलाई माह समाप्त होने के बाद भी कक्षा 6, 7 और 8 के बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। शिक्षक मोबाइल में व्यस्त और क्लास खाली मिली। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी है।
सतना जिले के उचेहरा स्थित सीएम राइज विद्यालय में छात्रों को दी जाने वाली मुफ्त पाठ्यपुस्तकें कबाड़ी को बेच दी गईं। ग्रामीणों ने किताबें लोड होते पकड़ा। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, प्राचार्य ने पल्ला झाड़ा। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच का भरोसा दिलाया।
रीवा के विवि मार्ग स्थित आजाद बुक हाउस पर शिक्षा विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में संदिग्ध एनसीईआरटी किताबें जब्त की गईं। किताबों के प्रिंट अलग पाए गए, और दुकानदार बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच जारी है।
एनसीईआरटी ने कक्षा 8 के लिए नई सामाजिक विज्ञान की किताब एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड जारी की है। इसमें दिल्ली सल्तनत और मुगल शासकों के इतिहास को नए नजरिए से पेश किया गया है। किताब में मुगल शासकों, विशेष रूप से बाबर, अकबर और औरंगजेब के जुल्म-सितम पर जोर दिया गया है।
10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुओं के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही, सिंगरौली की 'किताबों वाली दीदी' ऊषा दुबे और सीहोर के शिक्षक संतोष धनवारे जैसे मध्यप्रदेश के उन शिक्षकों के अभिनव प्रयासों को भी सराहा, जिन्होंने शिक्षा में मील के पत्थर स्थापित किए हैं।
निजी स्कूलों की मनमानी पर अब मैहर कलेक्टर ने सख्ती दिखाई है। अभिभावकों पर ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी फिक्स दुकानों से खरीदने के दबाव को लेकर निर्देश जारी हुए हैं। स्कूलों की सघन मॉनिटरिंग होगी और उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई तय है। अब स्कूल संचालकों की कमीशनखोरी पर लगाम कसने की तैयारी।
छात्रों की पढ़ाई पर संकट! सतना समेत कई जिलों में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध नहीं हैं। नई शिक्षा नीति के अनुरूप किताबें अब तक बाजार में नहीं आईं, जिससे कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जानिए कारण और इसके दुष्परिणाम।






















