1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 से मिडिल क्लास, किसानों और निवेशकों को क्या मिलेगा? इनकम टैक्स स्लैब, पीएम किसान निधि और रेलवे के लिए क्या हैं बड़ी घोषणाएं, पढ़ें विस्तार से।
By: Ajay Tiwari
Jan 31, 20264:11 PM
नई दिल्ली. बिजनेस डेस्क, स्टार समाचार वेब
1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं। इस बार बजट से न केवल मिडिल क्लास, बल्कि किसानों और उद्योग जगत को भी बड़ी उम्मीदें हैं। आर्थिक सर्वे के सकारात्मक संकेतों के बीच आम जनता को "राहत के पिटारे" की प्रतीक्षा है।
मिडिल क्लास हमेशा बजट के केंद्र में रहता है। इस बार की प्रमुख मांगें हैं:
स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction): उम्मीद है कि इसे ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किया जा सकता है, जिससे सीधे तौर पर वेतनभोगी वर्ग को फायदा होगा।
इनकम टैक्स स्लैब: न्यू टैक्स रिजीम के तहत ₹12 लाख तक की आय को टैक्स फ्री करने के बाद अब चर्चा है कि ₹13 लाख से ₹15 लाख तक की आय पर राहत मिल सकती है।
सेक्शन 80C और 80D: पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime) में निवेश की सीमा ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख करने और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (80D) पर छूट बढ़ाने की मांग की जा रही है।
कृषि प्रधान देश के लिए सरकार "क्लाइमेट स्मार्ट" खेती पर जोर दे सकती है:
PM-किसान सम्मान निधि: किसानों को मिलने वाली सालाना ₹6,000 की राशि को बढ़ाकर ₹9,000 किए जाने की प्रबल संभावना है।
खेती के लिए तकनीक: ड्रोन खेती, जैविक खेती और सौर पंप (KUSUM योजना) के लिए बजट आवंटन बढ़ाया जा सकता है।
MSP और भंडारण: फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर नई घोषणाएं और अनाज भंडारण के लिए आधुनिक गोदामों के निर्माण पर फोकस रहने की उम्मीद है।
घर खरीदारों के लिए यह बजट गेमचेंजर हो सकता है:
ब्याज में छूट: होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली ₹2 लाख की छूट (Section 24b) को बढ़ाकर ₹5 लाख करने की मांग रियल एस्टेट सेक्टर कर रहा है।
किरायेदारों को राहत: महानगरों में बढ़ते किराये को देखते हुए HRA (House Rent Allowance) की सीमा में बदलाव की उम्मीद है।
वंदे भारत और अमृत भारत: इस बजट में 300 से अधिक नई वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा हो सकती है।
रेलवे बजट: सुरक्षा और आधुनिकीकरण के लिए रेल बजट को ₹3 लाख करोड़ के पार ले जाया जा सकता है।
डिजिटल कनेक्टिविटी: 5G के बाद अब 6G की तैयारियों और ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए फंड बढ़ाया जा सकता है।
सराफा बाजार के लिए एक बड़ी उम्मीद 'सिल्वर लोन' को लेकर है। चांदी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इसे कोलैटरल (गारंटी) मानकर लोन देने की योजना गेमचेंजर साबित हो सकती है। साथ ही, सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की उम्मीद भी बरकरार है।