
वैश्विक बाजार में खाद की आपूर्ति में आ रही रुकावटों और आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने देश के किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस बढ़ी हुई कीमत का पूरा आर्थिक बोझ खुद वहन किया। सरकार की इसी नीति के कारण किसानों को आज भी यूरिया की बोरी लगभग 300 रुपए के आसपास ही मिल रही है।
















































