सीधी जिले में एलसीसी कंपनी द्वारा नल-जल योजना के तहत बिना अनुमति नहर खुदाई से बाणसागर नहर क्षतिग्रस्त हुई। जल संसाधन और जल निगम आमने-सामने, किसानों की सिंचाई पर संकट गहराया।

हाइलाइट्स:
सीधी, स्टार समाचार वेब
जिले में जल निगम की देखरेख में काम कर रही एलसीसी कंपनी शासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रही है। इन सबके बाद भी जल निगम के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। जिले में पाइप लाईन डालने के कार्य में एलसीसी कम्पनी के मनमानी कार्य से बाणसागर की नहरें क्षतिग्रस्त हो रही है।
बिना अनुमति के अवैध रूप से किया गया काम
नल-जल योजना के संविदाकार ने बाणसागर परियोजना की सिहावल नहर उप संभाग रामपुर नैकिन के शिकारगंज डिस्ट्रीब्यूटरी की नहर को बिना अनुमति अवैध रूप से क्षतिग्रस्त करने की पुलिस में शिकायत हुई है। थाना रामपुर नैकिन पिपरांव चौकी पुलिस में अनुविभागीय अधिकारी सिहावल नहर उप संभाग क्रमांक 1 रामपुर नैकिन द्वारा इसकी रिपोर्ट भी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नल-जल योजना के ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति अवैध रूप से नहर का उत्खनन किया जा रहा है। बाणसागर योजना के शिकारगंज डिस्ट्रीब्यूटरी के आरडी 27 से 30 के बीच एलसीसी कम्पनी द्वारा नहर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों के रोके जाने पर कार्य स्थल में उपस्थित कम्पनी के मैनेजर शेख मुस्तान एवं विशाल कुमार द्वारा उत्खनन ना रोक जाने की धमकी दी गई एवं गाली-गलौज किया गया। अवैध उत्खनन से नहर संचालन में बाधा उत्पन्न होगी एवं किसानों को रवी सीजन में पानी देना संभव नहीं हो पायेगा। जिससे कृषि उत्पादन में विपरीत प्रभाव पड़ेगा। नहर के अवैध उत्खनन को तत्काल रोक जाने की मांग की गई है।
उधर जल संसाधन के अधिकारियों का कहना है कि महाप्रबंधक जल निगम को पत्र क्रमांक 2007, दिनांक 1 अगस्त 25 में पाइप लाईन बिछाने के कार्य की शर्तों के अधीन अनुमति दी गई थी। अनुमति शर्त में कहा गया था कि नहर में किसी प्रकार मिट्टी, पत्थर एवं नहर की क्षति नहीं होनी चाहिये। नहर में यदि किसी प्रकार की क्षति होती तो पुनर्निर्माण/यथास्थिति बनाने की सम्पूर्ण जिम्मेदार जल निगम/निर्माण एजेन्सी की होगी। पाइप लाईन बिछाने के कार्य के पूर्व प्रभारी उपयंत्री से निरीक्षण कराया जाना सुनिश्चित करें अन्यथा कि स्थिति में एनओसी निरस्त माना जायेगा। किसी भी प्रकार के न्यायालय प्रकरण दर्ज होने पर जवाबदारी जल निगम सीधी की होगी। नहर के एलायमेंट एवं क्रास सेक्शन को यथावत रखना सुनिश्चित करें, किसी प्रकार का परिवर्तन होने की स्थिति में सुधार की जिम्मेदारी जल निगम की होगी। पाइप लाईन के बिछाने के कार्य हेतु समयावधि 16 सितम्बर 25 से 14 अक्टूबर 25 एवं 16 अप्रैल 26 से 30 जून 26 तक के मध्य करने हेतु अनुमति दी जाती है।
जल संसाधन-जल निगम आमने-सामने
बघवार अंचल में नल-जल योजना के तहत एलसीसी कम्पनी द्वारा एनओसी की शर्तों को दरकिनार कर मनमानी तौर पर कार्य किया जा रहा है। जेसीबी मशीन से खुदाई कर नहर के समीप कार्य करने से नहर भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। जल संसाधन के कर्मचारियों द्वारा जब मनमानी कार्य मौके पर करने से रोंका गया तो विवाद की स्थिति खड़ी हो गई।
जल संसाधन के अधिकारियों का कहा है कि कृषि सीजन में जब नहर में पानी चल रहा है उस दौरान कार्य करने की अनुमति नहीं है। वहीं जल निगम कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुये मनमानी पर उतारू है।
कार्य की गुणवत्ता और मापदंड को लेकर खड़े हो चुके हैं सवाल
एलसीसी कम्पनी द्वारा पाइप लाईन बिछाने के कार्य में गुणवत्ता की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। कम्पनी के नुमाइंदे जल्द से जल्द कार्य को पूर्ण कराने में जुटे हुये हैं। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता और मापदंड को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं। कम्पनी के नुमाइंदे जल्द से जल्द कार्य कराने के लिये नियमों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। नहर में पानी चलने से कार्य की अनुमति नहीं है फिर भी नहर को क्षतिगस्त कर जेसीबी मशीन से जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने की होड़ मची हुई है।
बघवार के समीप नहर क्षेत्र में एनओसी मिलने के बाद कार्य शुरू किया गया था। जहां तक सशर्त एनओसी मिलने का सवाल है तो उनका पाइप लाईन समय पर डालने का कार्य भी काफी प्राथमिकता वाला है। पाइप लाईन डालने का कार्य नहर के ऊपरी भाग में हो रहा है इस वजह से डैमेज कुछ नहीं हुआ है। मौके पर भी कार्य को देखकर समझा जा सकता है।
प्रकाश सिंघई, महाप्रबंधक, एलसीसी कम्पनी संविदाकार जल निगम, सीधी
बघवार तरफ नहर क्षेत्र में पाइप लाईन कार्य के लिये पूर्व में सशर्त एनओसी दी गई थी। एनओसी में साफ जिक्र है कि कृषि सीजन में जब नहर में पानी चलेगा पाइप लाईन का कार्य नहीं किया जायेगा। फिर भी मनमानी तौर पर कार्य कराया जा रहा है जिससे नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। अब नई एनओसी 31 मार्च तक नहर में पानी चलने से जारी नहीं हो पायेगी।
एस.एस.तिवारी, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग क्र.-2 सिंगरौली


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