रीवा में फाइटर जेट की तेज गर्जना से एनसीसी दफ्तर की फॉल सीलिंग गिर गई और खिड़कियों के कांच टूट गए। पुलिस ने धमाके को अफवाह बताया, जबकि ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
By: Yogesh Patel
Mar 19, 20268:23 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
तराई अंचल के आसमानों में पिछले कुछ दिनों से फाइटर जेट उड़ान भर रहे हैं। इसकी गर्जना से ग्रामीणों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। बुधवार की सुबह करीब पौने 11 बजे भी फाइटर जेट गुजरा, इसकी गर्जना के बीच तेज धमाका भी हुआ। इस दौरान जवा के एनसीसी दफ्तर की फॉल सीलिंग भरभरा कर गिर गई, खिड़कियों के कांच टूट गये। दहशत के चलते लोग अपने कार्यालय व घरों से बाहर निकल आये। तब पता चला कि आसमान से फाइटर जेट गुजरा है। जवा पुलिस ने धमाके की आवाज को अफवाह बताते हुये जांच करने की बात कही है।
ग्रामीणों की माने तो करीब दस दिन से क्षेत्र के आसमान में फाइटर जेट उड़ते नजर आ रहे हैं। सुबह के वक्त कई बार यह जेट यहां से गुजरते हैं, जिसकी गर्जना इतनी तेज होती है कि खिड़की दरवाजों में कंपन होने लगती है। बुधवार को तो फाइटर जेट गुजरने के साथ ही तेज धमाका भी हुआ। इसी बीच जवा स्थित एनसीसी दफ्तर की फॉल सीलिंग भरभरा कर गिर गई। यहां लगी खिड़िकियों के कांच टूट गये। कार्यालय में काम कर रहे लोगों ने दावा किया कि धमाके की वजह से यह घटना हुई। आवाज सुनते ही लोग कार्यालय से बाहर निकल आये। इस दौरान अन्य ग्रामीणों ने भी बताया कि कुछ वाहन व घरों में लगी खिड़कियों के कांच भी टूट गये हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से फाइटर जेट यहां से गुजरते रहे हैं, लेकिन इसके पहले केवल गर्जना सुनाई देती थी। बुधवार की सुबह बम ब्लॉस्ट जैसा धमाका हुआ है, जिसकी वजह से फाल सीलिंग गिरी और कांच टूटे हैं। अब इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
पुलिस ने कहा अफवाहों पर ध्यान न दें
इधर ग्रामीणों की सूचना और चर्चाओं को लेकर जवा थाना प्रभारी कमलेश साहू ने स्पष्ट किया कि धमाका होने का दावा ग्रामीण कर रहे हैं, लेकिन ऐसी कोई स्थिति क्षेत्र में नजर नहीं आई है। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और भ्रामक जानकारी फैलाने से बचे। फाइटर जेट यहां से गुजरते हैं, उसकी गर्जना की वजह से कांच टूटे होंगे।
ग्वालियर बेस से सुखोई भर रहे उड़ान
मामले को लेकर जानकारों ने बताया कि स्क्वाड्रन लीडर, लेफ्टिनेंट आदि को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है जिसमें भारतीय वायुसेना के जवानों को फाइटर जेट की बारीकियों एवं युद्ध कौशल से पारंगत कराया जा रहा है। इस दौरान लगभग 10 दिनों से विंध्य का आसमान सुबह व दोपहर में जेट के तेज शोर से दहल रहा है। ग्वालियर बेस से ये फाइटर उड़ान भरते हैं।
नियमित प्रशिक्षण की प्रक्रिया
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो गत वर्ष दिसम्बर माह के दूसरे सप्ताह में ग्वालियर बेस से इसी तरह की प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिसमें रीवा चोरहटा स्थित हवाई अड्डा के एक बाहरी हिस्से को अपने अधिकार क्षेत्र में ले रखा है जहां भारतीय सेना के अधिकारियों का एक दल लगातार अपनी गतिविधियों में संलग्न रहता है। सूत्रों की मानें तो यह सारी प्रक्रिया वार्षिक प्रशिक्षण के अंतर्गत मानी जा रही है।
हवाई अड्डा के बाहर लगा रडार
उल्लेखनीय बात यह भी है कि फाइटर जेट ग्वालियर रेंज से उड़ान भरता है और कुछ मिनटों में यह विंध्य की धरा पर गरजने लगता है। इस प्रक्रिया को विधिवत रूप से अंजाम देने के लिए सेना द्वारा पूर्व से काफी तैयारी की गई थी। प्रशिक्षण एवं युद्ध कौशल एवं फाइटर जेट की बारीकियों से अवगत होने के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहतर ढंग से संपन्न करने के लिए हवाई अड्डा के बाहर रडार लगाया गया है।