चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो गया है। पूरा देश माता रानी के जयकारों और भक्ति के रंग में सराबोर है। पहले दिन भक्तों का सैलाब मंदिरों में उमड़ पड़ा। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) की गई है।

पूरा देश माता रानी के जयकारों और भक्ति के रंग में सराबोर है।
भोपाल/नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो गया है। पूरा देश माता रानी के जयकारों और भक्ति के रंग में सराबोर है। पहले दिन भक्तों का सैलाब मंदिरों में उमड़ पड़ा। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) की गई है। मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र (गुड़ी पड़वा) और दक्षिण भारत (उगादी) में चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की शुरुआत हर्षोल्लास के साथ हुई। इधर, मध्यप्रदेश के मैहर में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन त्रिकूट पर्वत पर विराजीं मां शारदा के दरबार में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रात: काल मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो गए और जय माता दी के जयकारों से पूरा परिसर गूंज रहा है। नवरात्र के पहले दिन देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली, वृषभ (बैल) पर सवार और त्रिशूल धारण किए मां शैलपुत्री के स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह की आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्ति में सराबोर नजर आया।
वैष्णो देवी मंदिर गूंजे जयकारे

जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शनी ड्योढ़ी तक पहुंच रहे और माता रानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ते नजर आए। पूरा इलाका भक्ति के माहौल में डूब गया है। हर तरफ जय माता दी के जयकारे गूंज रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचे हैं। कोई परिवार के साथ आया है तो कोई दोस्तों के साथ, लेकिन सभी के चेहरे पर एक अलग ही खुशी और उत्साह नजर आ रहा है।
मऊगंज के काली धाम में दर्शन के लिए भक्तों की कतार

भक्ति, श्रद्धा और शक्ति की आराधना का पावन पर्व चैत्र नवरात्र आज से पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गया है। सुबह से ही मऊगंज के काली धाम माता मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना विधि-विधान से की जा रही है। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन कर रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। इस प्राचीन मंदिर की धार्मिक मान्यता के चलते नवरात्र में यहां विशेष आस्था देखने को मिलती है।
भोपाल के मंदिरों में सुबह से उमड़ी भीड़

भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 और चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस गुरुवार सुबह शहर के मंदिरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। सुबह-सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिरों में उमड़ी, जहां मां शैलपुत्री की विधि-विधान से आराधना की गई। भक्तों ने घट स्थापना कर जवारे बोए और अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित कर नववर्ष का स्वागत किया। घट स्थापना के साथ ही मंदिरों और घरों में जवारे बोने तथा अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करने की परंपरा निभाई जा रही है।
पीतांबरा शक्ति पीठ में लगी भक्तों की कतार

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित प्रसिद्ध तांत्रिक शक्ति पीठ पीतांबरा मंदिर में भी चैत्र नवरात्रि की धूम है। पीतांबरा मंदिर जप, तप और साधना के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। नवरात्रि के पहले दिन ही देशभर से भक्त पहुंचे। सुबह से ही साधकों ने संकल्प लेकर पूजा-पाठ और अनुष्ठान शुरू कर दिया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। यहां विराजित मां बगलामुखी देवी, जिन्हें मां पीतांबरा देवी के नाम से भी जाना जाता है। कलयुग में मां बगलामुखी की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है और भक्तों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आदिशक्ति के जयकारे से गूंज उठा विंध्य धाम

इधर यूपी के मिर्जापुर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आदिशक्ति का दरबार माता की जय जयकार से गूंज उठा। विंध्य की गलियों में भोर से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारे लग गई थीं, देवी मंदिर पहुंचे भक्तों ने मां शक्ति की विशेष आराधना कर सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। तड़के से अनवरत मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता का लगा रहा। चैत्र नवरात्र के पहले दिन देश के कोने-कोने से आए भक्तों ने सर्वार्थ सिद्धि योग में मां विंध्यवासिनी की चौखट पर मत्था टेका। विंध्य कॉरिडोर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन देवी धाम पहुंचे श्रद्धालु माता दरबार की अलौकिक छटा देख भाव विभोर हो गए।
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