रबी सीजन में इस बार किसानों ने बंपर बोवनी की है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने दावा किया है कि 2 जनवरी-2026 तक 634.14 लाख हेक्टेयर में बोवनी हो चुकी है। 2024-25 में समान अवधि में 617. 74 लाख हेक्टेयर में बोवनी हुई थी।
By: Arvind Mishra
Jan 06, 202612:02 PM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
रबी सीजन में इस बार किसानों ने बंपर बोवनी की है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने दावा किया है कि 2 जनवरी-2026 तक 634.14 लाख हेक्टेयर में बोवनी हो चुकी है। 2024-25 में समान अवधि में 617. 74 लाख हेक्टेयर में बोवनी हुई थी। इस साल कुल बोबनी में 16.40 लाख हेक्टेयर का इजाफा दर्ज किया गया है। गेहूं की बोवनी 6.3 फीसदी अधिक हुई है। इस बार खरीफ सीजन में गेहूं की बोवनी 334.7 लाख हेक्टेयर में हो गई है। 2024- 25 में यह 328.4 लाख हेक्टेयर थी। वहीं चना और जौ के रकबे में कमी दर्ज की गई। इससे साफ है कि किसानों का चना और जौ से मोह भंग होने लगा है।
चना 17.5 लाख हेक्टर में बोया
धान की बोवनी 14.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 17.57 लाख हेक्टेयर हो गई है। अधिक समय तक हुई बारिश के बाद भी मिट्टी में नमी से बोवनी बढ़ी है। दलहन की बोवनी 134.30 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो एक साल पहले 130. 87 लाख हेक्टेयर थी। चना 17.5 लाख हेक्टर में बोया जा चुका है।
श्रीअन्न के रकबे में बढ़ोतरी
श्रीअन्न यानी मोटे अनाज का रकबा 51.69 लाख हेक्टेयर रहा। पिछले साल इसी सीजन में यह 50.66 लाख हेक्टेयर था। इसमें ज्वार की बोवनी 22 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.74 लाख हेक्टेयर रह गई है। मक्का ने रिकॉर्ड बनाया है। इसकी खेती 21. 87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 23.32 लाख हेक्टेयर हो गई है। जौ की बोवनी मामूली गिरकर 6.78 लाख हेक्टेयर रही।
96.30 लाख हेक्टेयर में तिलहन
आंकड़ों के मुताबिक, तिलहनों की बोवनी 96.30 लाख हेक्टेयर रही। पिछली बार यह रकबा 93.27 लाख हेक्टेयर था। सरसों का रकबा बढ़कर 89.36 लाख हेक्टेयर, मूंगफली का रकबा घटकर 3.3 लाख हेक्टेयर रह गया है। सूरजमुखी और तिल की बोवनी में भी थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है।