मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में उत्सव की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका से आई चीता गामिनी दूसरी बार मां बनी है। मादा चीता ने तीन नए शावकों को जन्म दिया है। दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कूनो में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह खुशी भरा आगमन भारतीय धरती पर चीतों के नौवें सफल प्रसव का प्रतीक है।
By: Arvind Mishra
Feb 18, 20269:49 AM

श्योपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में उत्सव की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका से आई चीता गामिनी दूसरी बार मां बनी है। मादा चीता ने तीन नए शावकों को जन्म दिया है। दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कूनो में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह खुशी भरा आगमन भारतीय धरती पर चीतों के नौवें सफल प्रसव का प्रतीक है। इसके साथ ही भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 27 हो गई है। इन नए शावकों के साथ, भारत में चीतों की कुल संख्या अब 38 हो गई है। जो देश के दृढ़ और ऐतिहासिक संरक्षण प्रयासों का एक सशक्त प्रतीक है। प्रत्येक जन्म प्रोजेक्ट चीता की नींव को मजबूत करता है और इस सपने को साकार करने वाले फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सा टीमों के जुनून और चौबीसों घंटे के समर्पण को दर्शाता है। गामिनी और उसके तीनों नन्हे चीता बड़े होकर मजबूत बनें और देश में चीतों के पुनरुद्धार की कहानी को आगे बढ़ाएं। भारत के लिए यह गर्व का क्षण है।
भारत के ऐतिहासिक संरक्षण
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को भारत के ऐतिहासिक संरक्षण अभियान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट चीता के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
दूसरी बार दिया शावकों को जन्म
गामिनी दूसरी बार मां बनी है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक नया जन्म प्रोजेक्ट चीता को मजबूती प्रदान कर रहा है। फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की निगरानी और समर्पण से यह सपना साकार हो रहा है, जो चीता पुनरुद्धार परियोजना की सफलता के लिए अहम है।
मुख्यमंत्री ने भी दी जानकारी
भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 हो गई है। सीएम ने कहा कि आज यानी बुधवार को गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है। पार्क में चीतों के आने के बाद से नौवांं सफल प्रसव है।
डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
डीएफओ आर थिरूकुरल ने बताया है कि सभी शावक स्वस्थ्य हैं। कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। पार्क में लगातार मिल रही सफलताएं चीता पुनर्स्थापना परियोजना की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। यह उचित निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और समर्पित टीमवर्क से वन्यजीव संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता को भी प्रमाणित करता है।