यूएई सरकार ने नेशनल डे से पहले 900 से ज्यादा भारतीय कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है। इसके लिए अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को रिहा करने वाले कैदियों की लिस्ट सौंप दी है। ईद अल एतिहाद 2 दिसंबर को यूएई का नेशनल सेलिब्रेशन है। यह समारोह हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है और यह 1971 में सात अमीरात के एकीकरण की याद दिलाता है।
By: Arvind Mishra
Jan 23, 202611:37 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच रिश्ते में एक और सकारात्मक कदम देखने को मिल रहा है। यूएई सरकार ने नेशनल डे से पहले 900 से ज्यादा भारतीय कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है। इसके लिए अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को रिहा करने वाले कैदियों की लिस्ट सौंप दी है। दरअसल, यूएई सरकार ने जेल में बंद 900 से अधिक भारतीय नागरिकों को रिहा करने का निर्णय अपने नेशनल डे (ईद अल इतिहाद) के उपलक्ष्य में मानवीय आधार पर लिया है।
दो दिसंबर को ईद अल एतिहाद
पिछले साल 27 नवंबर को यूएई प्रेसिडेंट ने अपनी वेबसाइट पर शेयर किए गए एक आफिशियल आर्डर में बताया था कि ईद अल एतिहाद से पहले 2937 कैदियों को रिहा किया गया है। ईद अल एतिहाद 2 दिसंबर को यूएई का नेशनल सेलिब्रेशन है। यह समारोह हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है और यह 1971 में सात अमीरात के एकीकरण की याद दिलाता है।
अब नहीं देना होगा जुर्माना
सबसे खास बात यह है कि यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैदियों पर उनकी सजा के हिस्से के रूप में लगाए गए वित्तीय दंड (जुर्माने) को भी माफ करने का वादा किया है। यानी कैदियों के परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे अपने प्रियजनों के पुनर्वास में मदद कर सकेंगे।
भारत-यूएई के बीच अच्छा संबंध
गौरतलब है कि सोमवार को यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पीएम नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत का आधिकारिक दौरा किया। पिछले 10 सालों में यह उनका उनका पांचवां दौरा और यूएई के राष्ट्रपति के तौर पर तीसरा आधिकारिक दौरा था। उनके दौरे के दौरान एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी को पूरा करने की दिशा में एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
विचारों का आदान-प्रदान
यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ने भारत दौरे के दौरान पीएम के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बहुपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर उत्कृष्ट सहयोग और आपसी समर्थन का उल्लेख किया। यूएई की तरफ से 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की सफलता के लिए पूरा समर्थन दिया गया।