यूपी के कन्नौज जिला कारागार में लापरवाही का बड़ा मामला। जश्न और बिजली कटौती का फायदा उठाकर दो शातिर कैदी कंबलों की रस्सी के सहारे जेल से फरार। शासन ने जेल अधीक्षक और जेलर पर की बड़ी कार्रवाई।
हजारीबाग स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से तीन उम्रकैद के सजायाफ्ता कैदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देशभर की जेलों में अनगिनत कैदी सजा काट रहे हैं। जहां आलम यह है कि अधिकांश जेलों में क्षमता से अधिक बंदी हो गए हैंं। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात पश्चिम बंगाल से सामने आई। जहां राज्य के कम और विदेशी कैदी सबसे ज्यादा है। यह खुलासा एनसीआरबी की रिपोर्ट में हुआ है।
सतना की केन्द्रीय जेल से स्वतंत्रता दिवस पर 17 कैदी रिहा किए गए। इनमें छतरपुर जिले के 4 सगे भाई भी शामिल हैं जो 13 साल से उम्रकैद की सजा काट रहे थे। जेल में रहकर उन्होंने 3 लाख रुपए कमाए। अन्य दो कैदी भी लखपति बनकर बाहर निकले। सभी ने अपराध छोड़कर नया जीवन शुरू करने का संकल्प लिया।
सतना केन्द्रीय जेल में सुरक्षा की पोल खुली—एक सजायाफ्ता कैदी के पास चालू हालत में मोबाइल मिला। कैसे पहुंचा मोबाइल बैरक के अंदर? क्या जेलकर्मियों की मिलीभगत है? जांच शुरू, कोलगवां पुलिस को पत्र।
रेप केस में शनिवार को उम्रकैद की सजा पाने के बाद जेडीएस नेता एवं पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रविवार सुबह कैदी नंबर-15528 अलॉट कर दिया गया। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा के पोते रेवन्ना ने शनिवार को जेल में अपनी पहली रात बिताई।
सतना जिला अस्पताल में गर्भवती महिला कैदी की सोनोग्राफी जांच डॉक्टर की अनुपलब्धता के कारण नहीं हो सकी। दो घंटे इंतजार के बाद जांच टली।



















