इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि पहला मातृत्व अवकाश लेने के दो वर्ष के भीतर दूसरे मातृत्व अवकाश पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस विषय में वित्तीय हैंडबुक (वित्तीय नियम संग्रह) के प्रावधान मातृत्व लाभ कानून के ऊपर नहीं हो सकते हैं।
ऐसा नहीं है कि यह नियम कोई नया है। सामानों पर कस्टम ड्यूटी चुकाने का नियम नेपाल में काफी पुराना है, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि बालेन शाह के सरकार में आने से बाद से इसे काफी सख्ती से लागू किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश सरकार ने छठवें वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्णय लिया है। इस फैसले से कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा और लंबित एरियर का भी भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गायन के साथ कैबिनेट बैठक प्रारंभ हुई। मंत्री ने कहा- सागर जिले के लिए 286 करोड़ की लागत से मिडवास मध्यम सिंचाई परियोजना मंजूर की गई। योजना में 7 हजार 200 हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आज वंदे-मातरम गायन के साथ मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि बीता सप्ताह मध्य प्रदेश के लिए शुभ रहा।
मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल रहे किसानों के हित में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। किसानों को चिंता दूर हो जाएगी। अब समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से शुरू होगी यानी एक दिन पहले से एमएसपी पर गेहूं खरीदा जाएगा।
मध्य प्रदेश में अब सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक बच्चे बाधा नहीं बनेंगे। इससे अधिक बच्चे होने पर भी नौकरी पाने की पात्रता रहेगी। इसके लिए सरकार शासकीय सेवा के लिए अधिकतम दो बच्चों की शर्त 25 साल बाद हटाने जा रही है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने फैसले में कहा कि जो व्यक्ति हिंदू धर्म, सिख धर्म या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाता है तो उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता।
आखिरकार कांग्रेस के श्योपुर विधायक की विधायकी फौरीतौर पर बच ही गई। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगा दी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है।






















