रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान और खीरा ग्राम पंचायत में यूपी की एके इन्फ्राड्रीम कंपनी बगैर पंचायत की एनओसी जमीन खरीद-बिक्री कर रही है। सैकड़ों किसान जमीन बेचकर भी ठगे जा रहे हैं, वहीं प्लॉट खरीदने वाले लोग भी अधूरी सुविधाओं के कारण परेशान हैं। राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से विवादित और शामिलात भूमि का भी नामांतरण और नक्शा तरमीम किया जा रहा है।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
उत्तरप्रदेश की एक कंपनी का खौफ इस कदर है कि क्षेत्र का राजस्व अमला भी अपनी चेयर और शेयर तक सिमट कर रह गया है। कंपनी द्वारा फैलाए जाल में किसान फंसता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि वे अपना दुखड़ा भी किसी को सुना नहीं पा रहे हैं क्योंकि एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई है।
हम बात कर रहे हैं एके इन्फ्राड्रीम कंपनी की जो उत्तर प्रदेश से आकर जिले के रायपुर कर्चुलियान में जमीन के कारोबार को बगैर पंचायत के एनओसी से ही परवान चढ़ा रहे हैं। सैकड़ों किसान इस कंपनी के जाल में फंसते जा रहे हैं। जमीन के कारोबार में कंपनी का साथ दे रहे कई एजेंट किसानों से संपर्क कर उन्हें मनमानी कीमत देने का लालच तो देते हैं परंतु रजिस्ट्री के बाद वह अपनी बात से मुकर जाते हैं। इस कार्य में राजस्व विभाग के अधिकारी भी कंपनी का साथ दे रहे हैं। दरअसल रायपुर कर्चुलियान तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खीरा एवं रायपुर कर्चुलियान की तकरीबन 100 एकड़ राजस्व भूमि की खरीदी एवं उसे प्लॉट बनाकर बिक्री करने के लिए एके इन्फ्राड्रीम कंपनी ने कई स्थानीय लोगों को मैदान में उतार दिया है। किसानों की मानें तो कंपनी के जाल में जहां वह भूमिहीन हो रहे हैं वहीं अपनी जमीन बिक्री करने के बाद भी उनके मुताबिक जमीन की कीमत भी नहीं मिल पा रही है। पंजीयन शाखा के कर्मचारी एवं राजस्व अधिकारियों की भूमिका से किसान अब छटपटाने लगे हैं।
अब तक बिक चुके 6 सौ प्लॉट
एके इन्फ्राड्रीम कंपनी ने रायपुर कर्चुलियान एवं खीरा ग्राम पंचायत में जिन जमीनों की खरीद का कार्य किया है, उसमें कागजों में ड्राइंग डिजाइन बनाकर विधिवत सड़क, नाली एवं बिजली का हवाला देते हुए अब तक तकरीबन 6 सौ प्लॉट भी बेच चुकी है। मजे की बात यह है कि लोगों द्वारा कंपनी के लिए काम कर रहे एजेंटों द्वारा दी गई गलत जानकारी से वहां पर प्लॉट तो ले लिए हैं परंतु उनको अपने प्लॉट में जाने के लिए अब सड़क ही नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि कंपनी जहां किसानों से 20 से 30 लाख रुपए प्रति एकड़ में जमीन की खरीदी कर रही है, वहीं 5 सौ रुपए से 6 सौ रुपए वर्गफुट में प्लॉट बिक्री कर रही है। यहां पर न तो आने-जाने के लिए सड़क है और न ही नाली और बिजली की व्यवस्था की गई है। ऐसी स्थिति में जहां किसान खुद की जमीन बेचकर लुट रहे हैं वहीं प्लॉट खरीदने वाले लोग भी गलतफहमी का शिकार हो रहे हैं।
ज्यादातर विवादित जमीनें
उत्तरप्रदेश की कंपनी एके इन्फ्राड्रीम द्वारा रायपुर कर्चुलियान क्षेत्र में जो प्रोजेक्ट जमीन खरीद एवं बिक्री का लाया गया है उसमें ज्यादातर ऐसी जमीनों की खरीदी की गई है जो या तो शामिलात खाता में हैं या उन पर विवाद चल रहा है। ताज्जुब की बात तो यह है कि राजस्व अधिकारी भी मनमानी तरीके से ऐसी जमीनों का नामांतरण एवं नक्शा तरमीम करने में जुटे हैं जिनमें शामिलाती किसानों की सहमति ही नहीं दी गई है।
केस नंबर-1
रायपुर कर्चुलियान के बछई निवासी बृजेश केवट द्वारा रायपुर कर्चुलियान पटवारी हल्के में भूमि खसरा क्रमांक 138/2/2 आराजी 51 डिसमिल में 35 डिसमिल की रजिस्ट्री रीता देवी निवासी उत्तर प्रदेश के नाम कराया गया था। जमीन 1 करोड़ 12 लाख में बिक्री किया जाना तय किया गया था जिसमें 61 लाख रुपए बृजेश को मिल पाया बाकी राशि उसे नहीं मिल पाई है। जो विक्रय पत्र में चेक मेंशन किया गया था वह भी बाउंस हो गया। खास बात यह है कि उक्त भूमि का नामांतरण भी हो गया परंतु मनमाफिक भूमि न होने से अब नक्शा तरमीम के लिए कंपनी के एजेंट राजस्व अधिकारियों से तालमेल कर रिकार्ड दुरुस्त कराने में लगे हुए हैं।
केस नंबर-2
ग्राम पंचायत खीरा के निवासी गंगा प्रसाद मिश्रा, स्व. बृजकिशोर मिश्रा, स्व. शंकर प्रसाद मिश्रा, तेजभान सिंह, रामसजीवन यादव एवं तेजबली के नाम शामिलात खाते की भूमि भी एके इन्फ्राड्रीम ने खरीद ली है। यहां खास बात यह है कि उक्त भूमि का राजस्व अधिकारियों द्वारा एक नया नंबर तैयार किया गया और उसमें सभी नंबरों की आराजी को नए नंबर में शामिल कर रामसजीवन, अहिवरन यादव द्वारा कंपनी को बिक्री कर दिया गया। ताज्जुब की बात यह है कि उक्त खाते में जो भी किसान थे उनसे सहमति तक नहीं ली गई। अब स्थिति यह है कि उनकी आराजी का रकबा ही घट गया है जिसके लिए अब वह न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं। यहां पर यह बता दें कि यह सब उन्हीं एजेंटों के माध्यम से किया गया है जो कंपनी के लिए कमीशन पर काम करते हैं। बताया गया है कि एके इन्फ्राड्रीम कंपनी पंजीयन के बाद अपने एजेंटों के माध्यम से आधी-अधूरी राशि दे रही है। यह सिलसिला अभी थमा नहीं है। लगातार कंपनी के एजेंट किसानों को अपने जाल में फंसाकर लूटखसोट में लगे हुए हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।