पन्ना के ऐतिहासिक महेन्द्र भवन पैलेस को हेरिटेज होटल में बदलने की प्रक्रिया के बीच परिसर के बाहर वर्षों से संचालित दुकानों पर संकट गहरा गया है। प्रशासनिक निर्देशों से सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

हाइलाइट्स:
पन्ना, स्टार समाचार वेब
शहर के बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक महेन्द्र भवन पैलेस, जो कभी पन्ना राजपरिवार की शान और पहचान हुआ करता था, आज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। लेकिन इस बार वजह इसके वैभव या पर्यटन विकास की नहीं, बल्कि उन दर्जनों दुकानदारों की पीड़ा है, जिनकी वर्षों पुरानी दुकानों पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। महेन्द्र भवन पैलेस कभी पन्ना राजपरिवार की संपत्ति रहा है। आजादी के बाद राजपरिवार ने इसे जनहित में प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में शासन को सौंप दिया। वर्षों तक इसी भवन से कलेक्टर कार्यालय और कचहरी का संचालन होता रहा। बाद में जब नवीन कलेक्ट्रेट और न्यायालय भवन का निर्माण हुआ, तो जिला प्रशासन ने इस ऐतिहासिक धरोहर को मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के सुपुर्द कर दिया। पर्यटन विभाग ने इस वैभवशाली भवन के संरक्षण और पुनर्जीवन के उद्देश्य से इसे राजस्थान के एक हेरिटेज होटल ग्रुप को लीज पर दे दिया।
यह भी पढ़ें: प्यार में हारे युवक ने भेजा अपना आख़िरी मैसेज
बीते कई वर्षों से समूह द्वारा महेन्द्र भवन में मरम्मत और जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही यह पैलेस एक भव्य हेरिटेज होटल के रूप में पहचान बनाएगा, जहां अमीर और खास मेहमान राजसी ठाठ-बाठ का आनंद उठा सकेंगे। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पर्यटन विकास और हेरिटेज होटल बनने को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन 31 दिसंबर 2025 को स्थिति अचानक बदल गई, जब जिला प्रशासन ने महेन्द्र भवन परिसर के बाहर वर्षों से दुकानें चला रहे दुकानदारों को बैठक में बुलाया। बैठक में एसडीएम पन्ना द्वारा दुकानदारों को दुकानें खाली करने के निर्देश दिए गए। दुकानदारों के अनुसार उन्हें बताया गया कि ये दुकानें पूर्व में लीज पर दी गई थीं, लेकिन अब संपूर्ण महेन्द्र भवन परिसर होटल के लिए लीज पर जा चुका है। ऐसे में बाहर बनी दुकानें होटल के फ्रंट व्यू को खराब कर रही हैं, इसलिए इन्हें तोड़ा जाना है।
एक आदेश और सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का सवाल
प्रशासनिक निर्देश सुनते ही दुकानदारों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वर्षों से जिन दुकानों के सहारे उनके घर चल रहे हैं, वही अब छिनती नजर आ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि जब उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास की मांग रखी, तो अधिकारियों ने खुद को असहाय बताते हुए कहा कि यह निर्णय ऊपर से लिया गया है और हर हाल में दुकानें खाली करनी होंगी। बैठक के बाद से महेन्द्र भवन परिसर में काम करने वाले दुकानदारों में भय और चिंता का माहौल है। हर दिन उन्हें आशंका सता रही है कि कब उनकी दुकानें टूट जाएं और वर्षों की मेहनत मिट्टी में मिल जाए। यह मामला अब एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या हेरिटेज और पर्यटन विकास केवल अमीरों की सुविधाओं तक सीमित रहेगा, या उसमें उन गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों की मानवीय संवेदनाओं को भी जगह मिलेगी, जो वर्षों से उसी विरासत के आसपास जीवन यापन करते आए हैं।
यह भी पढ़ें: आठ घंटे वनकर्मियों को छकाती रही बेकाबू नीलगाय
दुकानदारों ने दी प्रतिक्रिया
राजेश सोनी, इलेक्ट्रॉनिक दुकान संचालक
मनोज बाजपेई, किराना दुकानदार
सेलू साहू, कंप्यूटर और टाइपिंग दुकान
संतोष चौरसिया, पुरानी होटल दुकान संचालक
दीपेंद्र कुमार शर्मा, दुकानदार
विवेक सेन, सैलून संचालक
संजय नागवंशी, अनुविभागीय दंडाधिकारी पन्ना

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।