सतना-मैहर फोरलेन और नागौद लिंक रोड निर्माण कार्य एसडीओ बृजेश सिंह की स्वेच्छाचारिता और लापरवाही से प्रभावित हो रहा है। करोड़ों की लागत से बनने वाली सड़क का काम धीमी गति से चल रहा है, जबकि विभागीय पत्राचार और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। रीवा मुख्य अभियंता कार्यालय की चुप्पी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
हवाई पट्टी के निर्माण मे हुई अनियमितता के प्रमुख सूत्रधार रहे लोक निर्माण विभाग के एक एसडीओ एक बार पुन: सुर्खियों में हैं। बात है सतना एयर स्ट्रिप के निर्माण में सतना से भोपाल तक विभाग की किरकिरी करा चुके एसडीओ बृजेश सिंह की जिनकी स्वेच्छाचारिता तो विभाग में चर्चा का विषय बनती ही रही है और अब वे समना बायपास के निर्माण की कमान मिलने से सुर्खियों में आ गए हैं। बताया जाता है कि शहर को यातयात के दबाव से मुक्त कराने में अहम भूमिका अदा करने वाली सतना-मैहर बायपास नागौद लिंक रोड के निर्माण का दायित्व उन्हें जब से मिला है तब से काम की प्रगति सुस्त हो गई है जिससे लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है।
क्या है मामला
दरअसल सतना- मैहर फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। तकरीबन 40 करोड़ की लागत से बनने वाली 8.5 किमी सड़क का उन्नयन कर इसे फोर लेन रोड बनाना है और लोहरौरा के निकट इसे मैहर-नागौद लिंक रोड से जोड़ना है। बताया जाता है कि इस सड़क के निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से प्रभावित हो रहा है। दरअसल इस काम की मानीटरिंग का जिम्मा जिस एसडीओ बृजेश सिंह को दिया गया है वे पदीय दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरत रहे हैं नतीजतन सड़क निर्माण के काम में विलंब हो रहा है। बताया जाता है कि इसके पूर्व इस काम की जिम्मेदारी आरके शुक्ला को एसडीओ का प्रभार सौंपकर दी गई थी जिन्होने काम शुरू कराया । उस दौरान तेजी से अर्थवर्क का काम हुआ लेकिन इसी बीच उन्हें रहस्यमयी तरीके से हटाकर बृजेश सिंह को प्रभार दे दिया गया जिसके बाद काम की गति मंद हो गई। बताया जाता है कि बृजेश सिंह मुख्यालय में नहीं रहते और रीवा से अप-डाउन करते हैं जिसके चलते कई बार वे अपने पदीय दायित्वों से विमुख रहते हैं।
इस मामले में लोक निर्माण विभाग के मुख्य कार्यपालन यंत्री रीवा के मुख्य अभियंता को कई पत्र लिखकर अवगत कराते हुए उनके स्थान पर किसी दूसरे अधिकारी की तैनाती की मांग भी करा चुके हैं।
कई चिट्ठियों के बाद भी अफसर मेहरबान
इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि जिस एसडीओ पर पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने, बिना बताए कार्यालय से नदारद रहने, समेत कई संगीन आरोप लगाकर स्वयं कार्यपालन यंत्री ने लगाकरपत्र लिखे हों उस एसडीओ को करोड़ों के सड़क निर्माण का जिम्मा दे दिया गया है। कार्यपालन यंत्री ने 8 अगस्त को लिखे मुख्य अभियंता को पत्र क्रमांक-5270/स्था/2025-26 के जरिए एसडीओ बृजेश सिंह की स्वेच्छाचारिता , मनमानी व अधिकारियों के निर्देशों के न मामने के मसले से अवगत कराया था । पत्र में साफ साफ लिखा गया था कि उनके अधीन चलने वाले निर्माण कार्यों में न तो प्रगति है ओर न ही गुणवत्ता क्योंकि वे कभी मौके पर होते ही नहीं है। पीडब्लूडी के ईई द्वारा लिया गया यह इकलौता पत्र नहीं है बल्कि इसके पूर्व 29 जून से 14 जुलाई तक लोक निर्माण विभाग के ईई (कार्यपालन यंत्री ) कार्यालय से 7 पत्र लिखे गए लेकिन लोक निर्माण विभाग रीवा परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है।
निर्देशों को ठेंगा 8 जून से नदारद
प्रभारी एसडीओ बृजेश सिंह आला अधिकारियों के निर्देशों को भी ठेंगा दिखाते रहे हैं। 12 जुलाई को बाढ़ आपदा के दौरान जलमग्न हुई माधवगढ़ सरिया टोला की पुलिया की न तो जिला प्रशासन व विभाग को जानकारी दी गई और कलेक्टर के निर्देश के बावजूद भी निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर रहे। इसी प्रकार कलेक्टर के निरीक्षण में मौजूद रहने के निर्देशों के बावजूद 17 जुलाई को प्रभारी एसडीओ जिला अस्पताल तक नहीं पहुंच सके जबकि सर्किट हाउस में वे मौजूद थे। इन आरोपों से संबंधित पत्र रीवा मुख्य अभियंता कार्यालय में जहां धूल खा रहे हैं वहीं प्रभारी एसडीओ के अधीन में दिए गए काम सतना में धूल धुसरित हो रहे हैं। बावजूद इसके उन पर बरती जा रही विभागीय मेहरबानी प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।


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