सतना नगर निगम में चौराहों के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने दस्तावेजों का सत्यापन कर भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है। अब तक करीब 25 लाख की गड़बड़ी पकड़ी गई है और 10 लोगों पर धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है।
By: Yogesh Patel
Aug 27, 20259:16 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
चौराहों के सौंदर्यीकरण के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार के मामले में ठेका कम्पनी व नगर निगम के कर्मचारियों की गर्दन फंस गई है। मंगलवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने डीएसपी प्रभा किरण किरो के नेतृत्व में सतना पहुंचकर उन दस्तावेजों का सत्यापन किया जिन दस्तावेजों के आधार पर चौराहों के सौंदर्यीकरण के काम में भ्रष्टाचार प्रमाणित हुआ है। जानकारी के अनुसार अब तक तकरीबन साढे 25 लाख की गड़बड़ी सामने आ चुकी है जिससे और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। गौरतलब है कि शहर के पन्नीलाल चौक, लालता चौक, सिविल लाइन व धवारी चौराहा में सौंदर्यीकरण के तहत मूर्तियां व फब्बारा लगाने के साथ सेल्फी प्वाइंट जैसे काम कराए गए थे। लाखों में कराए गए इन कामों को लेकर पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
दर्ज हुआ था 10 के खिलाफ प्रकरण, अब लटकी कार्रवाई की तलवार
नगर निगम में पार्षदों ने कई मर्तबा जांच की मांग की मगर नगर निगम के जिम्मेदार अनसुना करते रहे। अंतत: मामला पहले लोकायुक्त फिर ईओडब्ल्यू में गया जहां की गई जांच में घोटाला पाया गया और नगर निगम इंजीनियर मुकेश चतुर्वेदी, केपी शर्मा समेत 10 लोगों पर धारा 420, 409, 102बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था। बताया जाता है कि मंगलवार को सतना आई ईओडब्ल्यू की टीम ने नगर निगम के चौराहा सौंदर्यीकरण से जुड़ी फाइल के मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया और कई दस्तावेज भी आगे की कार्रवाई करने के लिए टीम अपने साथ ले गई। मंगलवार को कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू की टीम ने इंजीनियर सिद्धार्थ सिंह के कक्ष में पहुंचकर निर्माण कार्यो से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। माना जा रहा है कि मूल दस्तावेजों को बरामद करने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे निगम के कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकती दिख रही है।