कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आज 27 फरवरी को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.0 रही। लोग घरों से बाहर निकले।
गुजरात के राजकोट में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। 12 घंटे में चार बार झटके लगने के बाद एहतियात के तौर पर स्कूल बंद किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता 2.7 से 3.8 के बीच रही। हालांतक भूकंप के चलते धरती के हिलने पर जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
फिलीपींस में बुधवार सुबह 6.7 तीव्रता का तेज और शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप का केंद्र सैंटियागो के पास दर्ज किया गया। एक अलग आकलन में भूकंप की तीव्रता 6.4 भी बताई है, जिसका केंद्र शहर से 27 किलोमीटर पूर्व में था।
उत्तर पूर्वी राज्य सिक्किम में के एक शहर सोरेंग में आज शनिवार की सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है। सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर यह भूकंप आया।
ताइवान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। ताइतुंग केंद्र वाले इस भूकंप के झटके पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। जानें नुकसान की स्थिति और सुनामी अलर्ट पर अपडेट।
जापान भूकंप के भीषण झटके से कांप उठा। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई है। भूकंप के तुरंत बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की चेतावनी जारी की है। इस कारण जापान के उत्तर-पश्चिमी तट पर तीन मीटर ऊंची सुनामी आ सकती है।
बंगाल के कई जिलों में सुबह 10:10 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में था, जिसके चलते लगभग 17 सेकेंड तक धरती डोलती रही और लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।
भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और पड़ोसी देश चीन में भूकंप के हल्के से मध्यम दर्जे के झटके महसूस किए गए हैं। दहशत के चलते लोग घर छोड़कर सड़क पर आ गए। रातभर डर के साये में रहे।
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में बीती देर रात तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। ये झटके कुछ सेकंड तक रहे और पिपलोदा तहसील के मचून गांव में महसूस किए गए।
तुर्किए के बालिकेसिर प्रांत में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त इमारतें गिर गईं। हालांकि, किसी की जान नहीं गई, पर 22 लोग घायल हुए। भूकंप का केंद्र सिंदिरगी शहर था। झटके इस्तांबुल तक महसूस किए गए। लोग डर के कारण घरों से बाहर रात बिता रहे हैं।



















