यूपीआई उपभोक्ता सोमवार यानी आज से एक दिन में 10 लाख तक लेन-देन कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने पर्सन-टू-मर्चेंट पेमेंट की कई कैटेगरी में प्रतिदिन की लिमिट 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी है। इस फैसले से बीमा, निवेश और क्रेडिट कार्ड भुगतान जैसे बड़े लेन-देन भी यूपीआई के जरिए किए जा सकेंगे।

बीमा, निवेश और क्रेडिट कार्ड भुगतान जैसे बड़े लेन-देन भी यूपीआई के जरिए किए जा सकेंगे।
यूपीआई उपभोक्ता सोमवार यानी आज से एक दिन में 10 लाख तक लेन-देन कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने पर्सन-टू-मर्चेंट पेमेंट की कई कैटेगरी में प्रतिदिन की लिमिट 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी है। इस फैसले से बीमा, निवेश और क्रेडिट कार्ड भुगतान जैसे बड़े लेन-देन भी यूपीआई के जरिए किए जा सकेंगे। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने कई कैटेगरी में यूपीआई लेनदेन की लिमिट में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, जो आज से प्रभावी हो गई है। हाई वैल्यू डिजिटल ट्रांजेक्शन को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के जरिए आसान बनाने की दिशा बड़ा कदम उठाते हुए एनपीसीआई ने लेनदेन की लिमिट को बढ़ाकर 10 लाख कर दिया है। यूपीआई पेमेंट के नियमों में ये अहम बदलाव सोमवार से लागू हो गया है। इसके बाद अब इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट, लोन ईएमआई और ट्रैवल कैटेगरी में प्रति ट्रांजैक्शन 5 लाख, जबकि डेली 10 लाख तक का लेनदेन किया जा सकेगा।
यूपीआई पेमेंट की नई लिमिट पर्सन-टू-मर्चेंट भुगतान पर प्रभावी होगी। मतलब वेरिफाइड कारोबारियों और संस्थाओं को पेमेंट पर ये बदलाव लागू होगा। इसके तहत कुछ कैटेगरी में अधिकतम 5 लाख रुपए, तो कुछ में मैक्सिमम 10 लाख रुपए तक का डेली ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा।
गत 24 अगस्त को जारी एक सर्कुलर में एनपीसीआई की ओर से इस बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया था कि यूपीआई अब सबसे पसंदीदा पेमेंट मोड बन चुका है। बड़े ट्रांजेक्शन के लिए बढ़ती डिमांड को देखते हुए यूपीआई पेमेंट की डेली लिमिट को बढ़ाने का यह कदम उठाया जा रहा है। ये बढ़ी हुई लिमिट 5 लाख तक के टैक्स भुगतान से जुड़ी कैटेगरी के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं पर लागू होगी।
पर्सन-टू-पर्सन यानी एक व्यक्ति से दूसरे को पैसे भेजने की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये पहले की तरह ही एक लाख रुपए प्रति दिन रहेगी। एनपीसीआई द्वारा यूपीआई पेमेंट लिमिट में किया गया ये बदलाव खासतौर पर ऐसे यूपीआई यूजर्स के लिए राहत भरा है, जिन्हें पहले बड़े पेमेंट करने के लिए एक नहीं, बल्कि कई ट्रांजेक्शन करने पड़ते थे या आॅप्शनल बैंकिंग चैनल का सहारा लेना पड़ता था। इस बदलाव के बाद वे आसानी से हाई वैल्यू वाले लेनदेन कर पाएंगे।
कैपिटल मार्केट निवेश 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख
इंश्योरेंस पेमेंट 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख
जेम लेनदेन 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख
ट्रैवल पेमेंट 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख
क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख
मर्चेंट पेमेंट 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन कोई डेली लिमिट नहीं
ज्वेलरी पेमेंट 2 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख
फॉरेक्स रिटेल 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख
डिजिटल अकाउंट 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख


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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।