बीमा पॉलिसी बेचने के लिए कंपनियां एजेंटों, बैंकों, ब्रोकरों और दूसरे डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों को कमीशन देती हैं। इस व्यवस्था में कमीशन कितना हो, किस उत्पाद पर कितना भुगतान उचित है और क्या ज्यादा कमीशन पाने की होड़ में ग्राहक को उसकी जरूरत से अलग पॉलिसी बेची जा सकती है—इन सवालों पर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने नए सिरे से विचार शुरू किया है।
दिवाली की सफाई से उड़ती धूल और बदलते मौसम के बीच सतना में सांस संबंधी मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 170 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 100 एलर्जी से पीड़ित बताए गए हैं।
रेलवे ने 27 अक्टूबर से आरक्षण काउंटर पर टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए भी यात्रा बीमा सुविधा शुरू की। मात्र 45 पैसे प्रीमियम पर 10 लाख रुपये तक का बीमा मिलेगा, शर्तें लागू होंगी।
भारतीय रेलवे ने पीआरएस काउंटरों से टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना (OTIS) शुरू कर दी है। अब मात्र 45 पैसे के प्रीमियम में 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा।
भोपाल के अवधपुरी में कांग्रेस के पूर्व पार्षद मुकेश गजभिए ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। वे लंबे समय से सिकल सेल बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस जांच में जुटी।
बारिश थमने के बाद सतना में जलजनित और संक्रामक बीमारियां बढ़ीं तो जिला अस्पताल में 1610 मरीज पहुंचे और 174 गंभीर मरीज भर्ती हुए। वार्डों में बेड कम पड़े और आईसीयू का एसी बंद रहा।
चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू किया। दस स्वास्थ्य टीमें और मलेरिया दल घर-घर सर्वे, जांच, दवा वितरण और फॉगिंग करेंगे।
देश में अगले साल डेंगू की वैक्सीन आने की संभावनाओं के बीच इंडियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के एक अध्ययन ने चिंता बढ़ा दी है। करीब सात फीसदी लोग एक साथ 2 या उससे ज्यादा स्ट्रेन से संक्रमित पाए गए हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन मरीजों को एक साथ कई स्ट्रेन से संक्रमण हुआ, उनमें प्लेटलेट्स कम होना, ब्लीडिंग और जोड़ों का दर्ज ज्यादा देखा गया।
विश्व जूनोसिस दिवस पर विशेषज्ञों ने रेबीज सहित जूनोटिक रोगों के बढ़ते खतरे को लेकर चेताया। पशुओं के नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और समय पर उपचार को संक्रमण रोकने का प्रभावी उपाय बताया गया।
सतना में बढ़ती गर्मी के बावजूद पार्वो वायरस का असर कम नहीं हुआ है। पशु चिकित्सालय में रोजाना कई पिल्ले गंभीर हालत में पहुंच रहे हैं, चिकित्सकों ने समय पर टीकाकरण की सलाह दी है।






















