15 मार्च 2026 का विस्तृत पंचांग। जानें आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और दिन के सबसे शुभ व अशुभ समय की पूरी जानकारी।
By: Ajay Tiwari
Mar 15, 20261:14 AM
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखना अनिवार्य माना जाता है। पंचांग के पाँच अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—हमें समय की शुद्धि और ऊर्जा के बारे में बताते हैं। 15 मार्च 2026 का दिन कई मायनों में विशेष है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो नए कार्यों की योजना बना रहे हैं।
दिनांक: 15 मार्च 2026
दिन: रविवार
मास: चैत्र (अमांत / पूर्णिमांत के अनुसार भिन्न हो सकता है)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
ऋतु: वसंत
| अंग | विवरण |
| तिथि | द्वादशी (दोपहर तक, उसके बाद त्रयोदशी) |
| नक्षत्र | धनिष्ठा (बाद में शतभिषा) |
| योग | शिव |
| करण | कौलव |
| वार | रविवार (सूर्य देव को समर्पित) |
सूर्योदय: प्रातः 06:31 AM
सूर्यास्त: सायं 06:29 PM
चन्द्रोदय: अगले दिन 04:02 AM (16 मार्च)
चन्द्रास्त: दोपहर 03:15 PM
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 PM से 12:54 PM तक (किसी भी नए कार्य के लिए श्रेष्ठ)
अमृत काल: रात्रि 11:15 PM से 12:45 AM तक
राहुकाल: शाम 04:58 PM से 06:28 PM तक (इस समय शुभ कार्यों से बचें)
यमगण्ड: दोपहर 12:28 PM से 01:58 PM तक
गुलिक काल: दोपहर 03:28 PM से 04:58 PM तक
चूंकि आज रविवार है, इसलिए भगवान सूर्य को अर्घ्य देना और "आदित्य हृदय स्तोत्र" का पाठ करना आपके आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र होने के कारण आज संगीत और अचल संपत्ति से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ सकती है।