सतना के स्कॉलर्स होम कॉलेज में प्रवेश घोटाले का मामला सामने आया है, छात्रों की शिकायत पर कॉलेज संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
By: Yogesh Patel
Jan 15, 20263:57 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला के सबसे विवादित शैक्षणिक संस्थानों में शामिल स्कॉलर्स होम कॉलेज एवं स्कूल एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है। आरटीई नियमों के उल्लंघन, अवैध फीस वसूली और छात्रवृत्ति से जुड़े विवादों के बाद अब कॉलेज प्रबंधन पर प्रवेश के नाम पर छात्रों से हजारों रुपये वसूल कर उनका विधिवत प्रवेश न कराने का आरोप सामने आया है। मामले की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने कॉलेज संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पीड़ित छात्रों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र की शुरूआत में कॉलेज प्रबंधन ने उनसे पूरी प्रवेश शुल्क राशि वसूल ली थी। छात्रों को यह भरोसा दिलाया गया कि उनका प्रवेश विश्वविद्यालय एवं संबंधित शैक्षणिक विभाग में नियमानुसार करा दिया जाएगा। लेकिन समय बीतने के बावजूद उनका पंजीकरण नहीं कराया गया। सत्र के लगभग समाप्त होने के बाद जब छात्रों ने दस्तावेजों की स्थिति जाननी चाही, तो उन्हें बताया गया कि उनका प्रवेश ही मान्य नहीं है। इस खुलासे से छात्रों में हड़कंप मच गया और उनके सामने एक पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने का संकट खड़ा हो गया।
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छात्रों का कहना है कि इस लापरवाही और कथित धोखाधड़ी से न केवल उनका समय और पैसा बर्बाद हुआ, बल्कि मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा। कई छात्रों के भविष्य की योजनाएं प्रभावित हुई हैं और वे आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस में हैं। मामले के सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस प्रकरण को लेकर छात्र संगठन ने लगातार आवाज उठाई। संगठन की जिला प्रभारी अवनी सिंह के नेतृत्व में सिटी कोतवाली थाने में कई बार आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई। छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि प्रारंभिक शिकायतों पर कार्रवाई में देरी हुई, जिसके चलते छात्रों में नाराजगी बढ़ती गई।
सिटी कोतवाली पुलिस के मुताबिक छात्रों की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत धारा 318 (4) और 316 (2) पर मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद छात्र संगठन ने संतोष व्यक्त किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी दोहराई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो तथा दोषियों को सख्त सजा दी जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी निजी शैक्षणिक संस्थान छात्रों के साथ इस तरह का खिलवाड़ करते रहेंगे।
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