By: Star News
Mar 10, 20266:39 PM
भोपाल. स्टार समाचार वेब
मिडिल ईस्ट वार की आंच खान-पान पर पड़ने लगी है। मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार के के कहने के बाद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से भोपाल सहित पूरे प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट और आगामी शादियों के सीजन पर गहरा संकट मंडरा रहा है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (BCCI) ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सप्लाई बहाल करने की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थितियों और 'आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955' के तहत यह कदम जमाखोरी रोकने के लिए उठाया गया है। जहाँ कमर्शियल गैस पर सख्ती है, वहीं घरेलू गैस (Domestic LPG) की बुकिंग के नियम भी कड़े कर दिए गए हैं—अब 15 के बजाय 25 दिनों में ही अगली बुकिंग हो सकेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
व्यापारियों की चिंता: भोपाल के करीब 2000 होटल-रेस्टोरेंट और 1000 से अधिक शादियों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका।
घरेलू गैस के नए नियम: अब महीने में केवल एक सिलेंडर मिलेगा; बुकिंग का अंतर 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया।
कैटेगरी सिस्टम: केंद्र ने गैस सप्लाई को 4 श्रेणियों में बांटा है, जिसमें घरेलू रसोई और CNG को प्राथमिकता (100% सप्लाई) दी गई है।
सरकार का पक्ष: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोलियम पदार्थों की निगरानी के निर्देश दिए हैं; पैनिक न फैलाने की अपील की गई है।
अध्यक्ष गोविंद गोयल एवं मंत्री अजय देवनानी
कैबिनेट बैठक में सीएम ने की चर्चा
कैबिनेट बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर चर्चा के बाद डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
चैतन्य काश्यप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री