मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 33,240 करोड़ रुपये के जन-कल्याणकारी कार्यों, 7 जिलों में ODOP योजना, और मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स प्रोग्राम को मिली हरी झंडी। जानें स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुख्य निर्णय।
By: Star News
Mar 10, 20266:10 PM
भोपाल: स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। सरकार ने अगले 5 वर्षों के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं हेतु 33,240 करोड़ रुपये के विशाल बजट को स्वीकृति प्रदान की है।
प्रदेश के युवाओं को शासन की कार्यप्रणाली से जोड़ने और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए "मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम" को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आगामी 3 वर्षों के क्रियान्वयन के लिए 190 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। सरकार का उद्देश्य युवाओं को जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन का अनुभव देना।
स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए 7 जिलों के विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण और मार्केटिंग हेतु 37.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीधी दरी एवं कारपेट, दतिया गुड़, अशोकनगर चंदेरी हाथकरघा, भोपाल जरी-जरदोजी एवं जूट उत्पाद, धार बाग प्रिंट सीहोर लकड़ी के खिलौने और उज्जैन बटिक प्रिंट के लिए बजट को हरी झंडी दी गई।
मैहर, कैमोर (कटनी) और निमरानी (खरगोन) में 3 नए ईएसआईसी (ESIC) औषधालय खोले जाएंगे। इससे लगभग 15,686 श्रमिकों और उनके 62 हजार से अधिक परिजनों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। सिंगरौली के चितरंगी में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए कनिष्ठ न्यायाधीश सहित 7 नए पदों को मंजूरी दी गई है।
खनिज क्षेत्रों और पिछड़े इलाकों में बुनियादी ढांचे व पेयजल के लिए 6,090 करोड़ रुपये स्वीकृत (2026-27 से 2030-31 तक) किए गए है। पीएम पोषण शक्ति निर्माण (मिड-डे मील) और अन्य ग्रामीण योजनाओं के लिए 7,127 करोड़ रुपये की निरंतरता को मंजूरी। बिजली वितरण कंपनियों को आधुनिकीकरण के लिए केंद्र से प्राप्त अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा अंशपूंजी उपलब्ध कराई जाएगी।
दिव्यांगजनों को वृत्तिकर (Professional Tax) से मिलने वाली छूट को 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा, पेयजल और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 1,645 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन हेतु 3,773 करोड़ रुपये की मंजूरी।
औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए सबसे बड़ा हिस्सा 11,361 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। इसमें स्टार्टअप्स को लीज रेंट, पेटेंट और निवेश सहायता प्रदान की जाएगी।