
राजेन्द्र शुक्ल
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 गौरवशाली वर्ष केवल शासन की अवधि नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण, नव निर्माण और वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा का प्रतीक है। मोदीजी ने देश को उस अंधकार से बाहर निकाला है, जो कभी नेतृत्व के संकट, नीतिगत जड़ता और व्यापक निराशा के वातावरण से घिरा था, और इसे एक नव उज्ज्वल, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल में 'गरीब, युवा, नारी और अन्नदाता' को विकास की मुख्य धारा में शामिल करते हुए, जन-कल्याण की योजनाओं को तीव्रता से धरातल पर उतारा। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, हर घर बिजली योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसे क्रांतिकारी प्रयासों ने भारत की सामाजिक संरचना को सशक्त और समावेशी बनाया है। देश में अब तक 58 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, और 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, करोड़ों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके जीवन में गरिमा और सुरक्षा आई है।
मोदी के साहसिक नेतृत्व में उनके कार्यकाल में वर्षों से लंबित ऐतिहासिक और संवेदनशील मुद्दों को निर्णायक रूप से सुलझाया गया। इनमें धारा 370 का उन्मूलन, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं का अंत और संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने "विकसित भारत - 2047" का जो विज़न प्रस्तुत किया है, वह भारत को आने वाले वर्षों में जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज भारत चौथे स्थान पर है, और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास उसके नेतृत्व में स्पष्ट दिखाई देता है।
'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को चरितार्थ करते हुए श्री मोदी द्वारा भारत को वैश्विक मंचों पर भारत सशक्त आवाज बनाया। जी-20 की अध्यक्षता से लेकर वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की चिंताओं को उठाने तक, प्रधानमंत्री ने भारत को केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि विश्व कल्याण का मार्गदर्शक बनाया है। ये 11 वर्ष केवल "शासन के वर्ष" नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की गौरवगाथा है, जिसमें हर भारतीय को गर्व है कि उसे श्री नरेन्द्र मोदी जैसा मजबूत, संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व मिला है।
(लेखक: मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री है)

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