भारत में नाग देवता के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर हैं, जहाँ भक्त नाग पंचमी के दिन विशेष रूप से दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख मंदिर दिए गए हैं...

स्टार समाचार वेब. फीचर डेस्क
भारत में नाग देवता के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर हैं, जहाँ भक्त नाग पंचमी के दिन विशेष रूप से दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख मंदिर दिए गए हैं...

यह मंदिर उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह मंदिर साल में केवल एक बार, नाग पंचमी के दिन ही 24 घंटे के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाता है। यहाँ शेषनाग पर विराजित भगवान शिव और माता पार्वती की एक दुर्लभ प्रतिमा है।
मन्नारशाला श्री नागराज मंदिर, हरिपद (केरल):

केरल के हरिपद में स्थित यह मंदिर भारत के सबसे बड़े नाग मंदिरों में से एक माना जाता है। यह हरे-भरे जंगलों से घिरा है और यहाँ 30,000 से अधिक नागों की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस मंदिर में पूजा की जिम्मेदारी एक महिला पुजारी निभाती हैं।
नाग वासुकी मंदिर, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

प्रयागराज में गंगा नदी के तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर वासुकी नाग को समर्पित है, जिन्हें भगवान शिव के गले का आभूषण माना जाता है। नाग पंचमी के दिन यहाँ एक बड़ा मेला लगता है।
कुक्के सुब्रमण्यम मंदिर, कर्नाटक

दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित यह मंदिर भगवान सुब्रमण्यम (कार्तिकेय) को नागों के स्वामी के रूप में पूजता है। यहाँ कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए विशेष पूजा की जाती है।
कर्कोटक नाग मंदिर, भीमताल (उत्तराखंड)

नैनीताल के पास भीमताल में कर्कोटक नामक पहाड़ी पर यह मंदिर स्थित है। कर्कोटक नाग को प्रमुख नाग देवताओं में से एक और नागों का राजा माना जाता है। यहाँ नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और कालसर्प दोष की शांति के लिए भी पूजा की जाती है।
नागद्वार मंदिर, पचमढ़ी (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में स्थित यह नाग देवता का प्रमुख मंदिर है, जो साल में केवल 10 दिनों के लिए ही खुलता है। इसे नागलोक का मार्ग भी माना जाता है।
तक्षकेश्वर मंदिर, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

प्रयागराज में यमुना नदी के किनारे दरियाबाद में स्थित यह भी एक प्राचीन नाग मंदिर है, जहाँ नाग पंचमी पर पूजा करने से कुंडली से जुड़े कालसर्प दोष से होने वाली समस्याएं दूर होती हैं।
धौलीनाग मंदिर, बागेश्वर (उत्तराखंड)


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