सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

जानिए गिरावट की मुख्य वजह, इंडिया वीआईएक्स का हाल
बैंकिंग शेयर में बिकवाली, अमेरिका- ईरान तनाव का असर
मुंबई। स्टार समाचार वेब
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विदेशी पूंजी की निकासी ने भी शुरुआती कारोबार के दौरान निवेशकों के मनोबल को चोट पहुंचाई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 730 अंक गिरकर 73,170.12 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 231.50 अंक टूटकर 22,908.95 पर पहुंच गया। सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर सेंसेक्स 1,010.46 (1.36फीसदी) अंकों की गिरावट के साथ 72,885.28 के स्तर पर जबकि निफ्टी 309.66 (-1.34 प्रतिश्ता) अंकों की गिरावट के साथ 22,830.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 6910 | -169 | -2.48% |
| निक्केई (जापान) | 66334 | -31 | -0.05% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 24682 | +172 | +0.70% |
इसलिए बाजार में इतनी बड़ी गिरावट
बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण रहे। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल एक प्रमुख वजह है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों को चिंतित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के संघर्ष-समाधान प्रस्ताव को अस्वीकार करने से चिंताएं बढ़ी हैं। स्ट्रेट आॅफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्ताव की अस्वीकृति ने आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंका जताई है। इससे तेल की कीमतें वैश्विक बाजारों के लिए एक प्रमुख कारक बन गई हैं।
अमेरिकी बाजार में 25 सितंबर को बढ़त रही थी
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 51829 | +479 | +0.93% |
| नैस्डैक | 27069 | +129 | +0.48% |
| S&P 500 | 7743 | +39 | +0.51% |
इन शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान
सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां गिरावट के साथ कारोबार कर रही थीं। बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.27 फीसदी की तेजी के साथ 106.7 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 7,796 करोड़ के शेयर बेचे
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | +2,838 | +13,601 | +57,206 |
| FII/FPI | -3,694 | -10,914 | -26,517 |
वैश्विक बाजारों के रुख पर एक नजर
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं एनरिच के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार सतर्क रहने की संभावना है। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे। एफआईआई ने 3,693.93 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की थी।


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देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।
वैश्विक चिंताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 0.88 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार को बाजार में चौतरफा बिकवाली से निवेशकों के अरबों रुपए डूब गए। लेकिन आज बाजार ने थोड़ी सी राहत की सांस ली है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और क्रूड आयल में मामूली नरमी की वजह से आज दलाल स्ट्रीट ने हरे निशान के साथ शुरुआत की है।
सोना और चांदी दोनों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। इन धातुओं की कीमत इन दिनों बिल्कुल भी स्थिर नहीं रह रही हैं। लगातार सोने में गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में कई दिग्गज बैंक गोल्ड के भाव को लेकर अनुमान लगा रहे हैं कि सोने के दाम सारे रिकॉर्ड तोड़ महंगे होने वाले हैं।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 23,250 के नीचे फिसल गया। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दबाव ज्यादा रहा।
मध्य प्रदेश के बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी अपडेट! 28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मियों की हड़ताल और छुट्टियों के चलते 5 दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित। जानें पूरी खबर और जरूरी निर्देश।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 200 अंक चढ़कर 74,640.85 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 23,350 के ऊपर कारोबार करता दिखा।