देशभर में लेडी अघोरी माता के नाम से प्रसिद्ध तेलंगाना की सबसे कम उम्र की अघोरी साधिका महाकाली नंदगिरी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है। 18 वर्ष पहले उन्होंने असम स्थित कामाख्या धाम में तंत्र साधना सीखी थी और तब से लगातार अघोर साधना कर रही हैं।

साधिका महाकाली नंदगिरी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है।
उज्जैन। स्टार समाचार वेब
देशभर में लेडी अघोरी माता के नाम से प्रसिद्ध तेलंगाना की सबसे कम उम्र की अघोरी साधिका महाकाली नंदगिरी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है। 18 वर्ष पहले उन्होंने असम स्थित कामाख्या धाम में तंत्र साधना सीखी थी और तब से लगातार अघोर साधना कर रही हैं। वे सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार और गौ संरक्षण के लिए भी सक्रिय हैं। महाकाली नंदगिरी मूल रूप से तेलंगाना के मंचेरियल जिले के कुशनपल्ली क्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्होंने कम उम्र में ही घर छोड़कर साधना का मार्ग अपना लिया था। इसके बाद उन्होंने कामाख्या धाम में अघोर साधना सीखी और धीरे-धीरे अघोरी महाकाली नंदगिरी के रूप में पहचान बनाई। तेलंगाना में एक मंदिर में आत्मदाह की घोषणा को लेकर भी वे कुछ समय तक चर्चा में रही थीं।
अघोरी का मतलब निडर
महामंडलेश्वर बनने के बाद महाकाली नंदगिरी ने कहा कि लोग अक्सर अघोरी शब्द का गलत अर्थ निकालते हैं। उनके अनुसार अघोरी का मतलब भयानक नहीं बल्कि निडर होता है। अघोर परंपरा में साधक भय से मुक्त होकर आध्यात्मिक जागृति पर ध्यान देता है। इस परंपरा में साधना के दौरान वैराग्य, जीवन-मृत्यु के सत्य और आत्मिक साधना पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
धार्मिक प्रचार करती रहूंगी
महाकाली नंदगिरी ने बताया कि उन्हें अलग-अलग पहचान से जाना जाता है, लेकिन वे स्वयं को सनातन परंपरा की साधिका मानती हैं। अतीत में उनके कुछ विवादित बयानों के कारण भी वे चर्चा में रही थीं। उनका कहना है कि वे सनातन संस्कृति के संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के प्रचार के लिए कार्य करती रहेंगी।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
01 अक्टूबर 2026 का राशिफल। जानिए मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन।
01 अक्टूबर 2026 गुरुवार का पंचांग। जानिए आश्विन मास कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का सटीक समय।
01 अक्टूबर 2026 का मूलांक राशिफल। अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए करियर, व्यापार, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन से जुड़ी भविष्यवाणी।
30 सितंबर 2026 का मूलांक फल। अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य से जुड़ी भविष्यवाणियां।
30 सितंबर 2026 का राशिफल विस्तार से पढ़ें। मेष, वृषभ, मिथुन से लेकर मीन राशि तक जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन, करियर, व्यापार और आर्थिक स्थिति।
30 सितंबर 2026 बुधवार का विस्तृत पंचांग। जानें सूर्योदय, सूर्यास्त, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी।
जानिए 29 सितंबर 2026 मंगलवार का संपूर्ण पंचांग। यहाँ पढ़ें तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और विशेष योग।
29 सितंबर 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा? मेष, वृषभ, मिथुन समेत सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल, शुभ रंग, उपाय और भविष्यफल यहाँ पढ़ें।
जानिए 29 सितंबर 2026 का मूलांक फल। अंक 1 से 9 तक के जातकों के लिए कैसा रहेगा यह दिन, जानिए करियर, धन, स्वास्थ्य और रिश्तों से जुड़ी पूरी भविष्यवाणी हिंदी में।
28 सितंबर 2026, सोमवार का विस्तृत पंचांग। यहाँ पढ़ें आज की तिथि (कृष्ण द्वितीया), नक्षत्र (रेवती/अश्विनी), शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अशुभ समय की पूरी जानकारी।