रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित सात भारतीय राज्य 2031 तक 1380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 12 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है।

दावा- भारत की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
रियल एस्टेट परिदृश्य में पहले कभी नहीं देखा गया
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित सात भारतीय राज्य 2031 तक 1380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 12 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है। सीबीआरई (कोल्डवेल बैंकर रिचर्ड एलिस) ने शुक्रवार को द पॉलिसी एडवांटेज: पावरिंग इंडियाज जीसीसी ग्रोथ नामक अपनी रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट भारत में जीसीसी के विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर केंद्रित है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, केरल, हरियाणा और मध्य प्रदेश इन सात राज्यों में करीब 1380 जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य है। इनका कुल लक्ष्य 2031 तक लगभग 1.18 दस लाख रोजगार सृजित करना है।
अभूतपूर्व गति दिखाई
सीबीआरई के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी- भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व व अफ्रीका, अंशुमान मैगजीन ने कहा कि राज्य सरकारों ने समर्पित जीसीसी नीतियों को औपचारिक रूप देने में अभूतपूर्व गति दिखाई है। उन्होंने बताया कि यह भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट परिदृश्य में पहले कभी नहीं देखा गया। रिपोर्ट यह दर्शाता है कि ये केंद्र अब भारत की सेवा अर्थव्यवस्था का एक मामूली हिस्सा नहीं हैं। बल्कि, वे एक केंद्रीय स्तंभ बन गए हैं, जिनकी मेजबानी के लिए राज्य सक्रिय रूप से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। राज्य लक्षित प्रोत्साहन, तेज अनुमोदन और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा प्रतिबद्धताओं के माध्यम से ऐसा कर रहे हैं।
किस राज्य का कितना जीसीसी और रोजगार का लक्ष्य
कर्नाटक 500 जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिससे 3.5 लाख रोजगार पैदा होंगे। महाराष्ट्र का लक्ष्य 200 जीसीसी के साथ 4 लाख नए रोजगार का अवसर पैदा करना है। राजस्थान 200 से अधिक जीसीसी और 1.5 लाख रोजगार की संभावना देख रहा है। गुजरात 250 से अधिक जीसीसी का लक्ष्य बना रहा है, जिससे 50,000 रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। केरल 80 जीसीसी का लक्ष्य लेकर 1.6 लाख रोजगार पैदा करने का इरादा रखता है।
अन्य राज्यों की आगामी योजनाएं
हरियाणा सरकार 100 से अधिक जीसीसी का लक्ष्य बना रही है, जिससे 30,000 रोजगार सृजित होंगे। इसी तरह, मध्य प्रदेश 50 से अधिक जीसीसी और 37,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य लेकर चल रहा है। सीबीआरई ने बताया कि तमिलनाडु ने जीसीसी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन पेश किए हैं। तेलंगाना और दिल्ली ने जीसीसी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत ढांचे अपनाए हैं। कई अन्य राज्य भी इस क्षेत्र के लिए नीतिगत ढांचे तलाश रहे हैं।
जीसीसी ने कार्यालय स्थान में किया इजाफा
रिपोर्ट के अनुसार, जीसीसी ने 2022 और 2026 के पहले छह महीनों के बीच भारत के शीर्ष नौ शहरों में 123 दस लाख वर्ग फुट से अधिक कार्यालय स्थान पट्टे पर लिया है। यह आंकड़ा जीसीसी क्षेत्र में मजबूत वृद्धि और विस्तार को दशार्ता है। राज्य सरकारों की नीतियां इस वृद्धि को और गति देंगी। भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यह देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।


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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।