साप्ताहिक कॉलम

साप्ताहिक कॉलम: स्टार स्ट्रेट
केबीसी की 'हॉट सीट' से घोटाले की 'शॉट सीट' तक

मध्य प्रदेश की महिमा भी निराली है! यहाँ के अधिकारी ज्ञान के मंच पर भी झंडे गाड़ते हैं और जनता की 'राहत' डकारने में भी। गजब का विरोधाभास है—एक समय जो मैडम 'कौन बनेगा करोड़पति' की हॉट सीट पर बैठकर सामान्य ज्ञान के जवाब दे रही थीं, आज वे 'बाढ़ राहत घोटाले' के सवालों के घेरे में हैं। शायद ₹50 लाख से मन नहीं भरा होगा, तभी तो जनता के डूबे हुए घरों के मुआवजे में अपनी 'अतिरिक्त कमाई' तलाश ली। अब जब घोटाले की परतें खुल रही हैं, तो उन तमाम 'साहबों' की धड़कनें तेज हैं जो आपदा में अपने लिए अवसर (और कैश) खोज रहे थे। देखना यह है कि जाँच की आंच में कितने और 'ज्ञानी' चेहरे बेनकाब होते हैं।
रिटायरमेंट के बाद जनता की 'सेवा' का मोह

कहते हैं राजनीति वो मर्ज है जो अच्छे-अच्छों को अपनी चपेट में ले लेता है। अब मालवा के उन 'प्रमोटी आईएएस' साहब को ही देख लीजिए। रिटायरमेंट की दहलीज पर खड़े हैं, लेकिन मन है कि सचिवालय की फाइलें छोड़ चुनाव मैदान में 'कोलाचें' भर रहा है। आदिवासी संगठनों से उनकी करीबी ने दोनों बड़े दलों की रातों की नींद उड़ा दी है। साहब को लग रहा है कि अब तक कलम से जो 'जनता की सेवा' की, अब वो वोट की शक्ल में वसूलने का वक्त आ गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में पदस्थ इन साहब की दिलचस्पी बता रही है कि ब्यूरोक्रेसी की मलाई के बाद अब राजनीति का हलवा चखने की तैयारी पूरी है। दांव किस दल पर लगेगा, ये तो वक्त बताएगा, लेकिन साहब का 'दिल' अभी से चुनावी मोड में आ चुका है।
बिछा रहे थे'राह में कांटे', हो गए साइड लाइन

चर्चाओं के बाजार में गरम खबर है कि एक साहब की कार्यशैली कुछ रसूखदार बिल्डरों और विभाग के ही 'जुगाड़ू' अफसरों को रास नहीं आ रही थी। साहब के रहते फाइलें जिस कदर 'इंच-दर-इंच' जांची जा रही थीं, उससे कई लोगों के 'प्रोजेक्ट्स' को लकवा मार गया था। विभाग में चर्चा थी कि साहब की कलम 'विकास की गंगा' में ब्रेक का काम कर रही थी। जैसे ही उनके जनगणना निदेशालय जाने की खबर मुहरबंद हुई, मंत्रालय के गलियारों से लेकर बिल्डरों के ड्राइंग रूम तक राहत की लहर दौड़ गई। जो बिल्डर कल तक फाइलों के लिए पसीना बहा रहे थे, आज शायद जश्न की तैयारी में हैं। वाकई, इसे ही कहते हैं प्रशासनिक संतुलन—किसी का डिमोशन, किसी के लिए मुनाफा ही मुनाफा।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से खास बातचीत
सरकारी दफ्तरों के अंदर की हलचल, तबादलों में पारदर्शिता, और प्रशासनिक गलियारों के दिलचस्प किस्से। जानिए कैसे बदल रही है काम करने की संस्कृति और क्या है अधिकारियों के 'जुगाड़' का सच।
भाजपा का उपचुनाव रिकॉर्ड फिलहाल तीन में दो जीत का है। अब दतिया चौथा उपचुनाव है, जिसके परिणाम पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी।
हर रविवार साप्ताहिक कॉलम। सुुशील शर्मा की कलम से
जिस समाज में भगवान के घर में चोरी करने वाला हाथ नहीं कांपता, वहां चिंता चोरी की राशि से अधिक उस संस्कार की होनी चाहिए, जिसकी मृत्यु चुपचाप हमारे सामने हो रही है।
जी हाँ, मेरी प्राथमिकता है कि योग बच्चों के स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बने। मुझे खुशी है कि एनसीईआरटी ने इसे स्वीकार किया है।
हर रविवार साप्ताहिक कॉलम। सुुशील शर्मा की कलम से
सत्ता के शिखर पर दिखाई देने वाला चेहरा भले एक हो, पर उसकी सफलता के पीछे कई लोग होते हैं। किसी भी मुख्यमंत्री की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उनकी कोर टीम कितनी मजबूत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शुरुआती दौर में एक चौंकाने वाला चेहरा ‘सरप्राइज चॉइस’ के रूप में देखा गया, लेकिन बीते ढाई सालों में उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि भाजपा संगठन के साथ भी बेहतरीन तालमेल बिठाया है।
जिस तरह से सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में फैसले लिए जा रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि भाजपा पुराने स्थापित राजनीतिक घरानों से हटकर नए और युवा चेहरों को मौका दे रही है। स्टार समाचार की विशेष रिपोर्ट...।
भाजपा के राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल के साथ हमारी यह खास बातचीत।