भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट पुनर्वसु नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में आज सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इसी के साथ चारधाम यात्रा ने पूर्णता प्राप्त कर ली।चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।


गोपेश्वर। स्टार समाचार वेब
भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट पुनर्वसु नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में आज सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इसी के साथ चारधाम यात्रा ने पूर्णता प्राप्त कर ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा। मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

सीएम ने श्रद्धालुओं के साथ ग्रहण किया प्रसाद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की।
सीएम ने भक्तों से लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु

देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। कपाटोद्घाटन से पूर्व श्री बद्रीनाथ मंदिर को रंग-बिरंगे पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया था। प्रात: काल मुख्य पुजारी रावल जी, धर्माधिकारी एवं वेदपाठियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार माता लक्ष्मी को गर्भगृह से निकालकर लक्ष्मी मंदिर में विराजमान कराया गया तथा भगवान कुबेर एवं उद्धव जी को गर्भगृह में स्थापित किया गया। तत्पश्चात भगवान बद्री विशाल की चतुर्भुज मूर्ति का विधिवत अभिषेक एवं श्रृंगार किया गया।
बद्रीनाथ धाम की परंपरा अद्भुत
बद्रीनाथ धाम की परंपरा अद्भुत है। शीतकाल में यहां पर देवता पूजन करते हैं धार्मिक परंपरा अनुसार देवताओं की ओर से मुख्य पुजारी नारद जी होते हैं अब कपाट खुलने के बाद मानव पूजा अर्चना होती है।
सेना के बैंड की धुन के बीच खुले कपाट
सेना के बैंड की मधुर धुनों, वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस-प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए मंदिर को 25 क्विंटल गेंदा के फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है।
यह भी पढ़िए....
हर-हर महादेव! विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले
चारधाम यात्रा 2026 का आगाज: अक्षय तृतीया पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन 2026 कब है? जानिए श्रावण पूर्णिमा तिथि, राखी बांधने का शुभ समय, भद्रा काल और चंद्र ग्रहण से जुड़ी संपूर्ण एवं सटीक जानकारी।
अगस्त 2026 में लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण का भारत पर क्या असर होगा? जानिए सूतक काल, रक्षाबंधन और मंदिरों के कपाट खुले रहने से जुड़ी पूरी धार्मिक और खगोलीय जानकारी।
27 जुलाई 2026 का मूलांक फल (Mulank Rashifal)। जानिए अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, करियर, धन और सेहत।
जानिए 27 जुलाई 2026 का संपूर्ण राशिफल। मेष, वृषभ, मिथुन समेत सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? पढ़ें करियर, व्यापार, स्वास्थ्य और लव लाइफ का सटीक भविष्यफल।
27 जुलाई 2026 के पंचांग के जरिए जानें आज की आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी/चतुर्दशी तिथि, मूल व पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और शिव पूजा का संपूर्ण समय।
26 जुलाई 2026 के पंचांग के जरिए जानें आज की तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, राहुकाल और सभी शुभ-अशुभ मुहूर्तों की पूरी जानकारी।
26 जुलाई 2026 का मूलांक फल यहाँ पढ़ें। अंक ज्योतिष (Numerology) के आधार पर मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, जानें करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी।
26 जुलाई 2026 का राशिफल (Aaj ka Rashifal) पढ़ें। मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, जानिए करियर, बिजनेस, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन से जुड़ी पूरी भविष्यवाणी।
25 जुलाई 2026 का राशिफल यहाँ पढ़ें। मेष, वृषभ, मिथुन समेत सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, जानें करियर, व्यापार, स्वास्थ्य और परिवार का हाल।
25 जुलाई 2026 के पंचांग में जानें आज की तिथि, देवशयनी एकादशी व्रत, शुभ-अशुभ मुहूर्त (राहुकाल), नक्षत्र और सूर्य-चंद्रमा की स्थिति की पूरी जानकारी।