बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ भाजपा नेता नितिन नवीन ने भी पद छोड़ा। जानें इस बड़े राजनीतिक बदलाव के पीछे की पूरी खबर
By: Ajay Tiwari
Mar 30, 202611:32 AM
पटना | स्टार समाचार वेब
बिहार की सियासत में आज एक बड़ा संवैधानिक बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से अपना आधिकारिक त्यागपत्र दे दिया है। मुख्यमंत्री का यह इस्तीफा उनके करीबी और बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री विजय चौधरी तथा एमएलसी संजय गांधी लेकर विधान परिषद सचिवालय पहुंचे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अत्यंत संक्षिप्त और स्पष्ट शब्दों में अपना इस्तीफा लिखा है। जानकारी के अनुसार, मात्र 29 शब्दों के इस पत्र में उन्होंने संवैधानिक गरिमा का पालन करते हुए अपना पद छोड़ने की घोषणा की है। इस इस्तीफे को विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने स्वीकार कर लिया है।
मंत्री विजय चौधरी ने इस इस्तीफे पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी अब राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। नियमानुसार, एक व्यक्ति एक साथ दो सदनों (राज्य विधानमंडल और संसद) का सदस्य नहीं रह सकता। इसलिए, यह एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया थी। आज उन्होंने अपनी सदस्यता त्याग कर दिल्ली की राजनीति में अपनी नई भूमिका की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ सत्ता पक्ष के अन्य प्रमुख नेताओं ने भी अपने पदों से त्यागपत्र दिए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जो हाल ही में उच्च सदन के लिए चुने गए हैं, उन्होंने भी बिहार विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी है।
नितिन नवीन ने असम रवाना होने से पहले अपना इस्तीफा बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंपा था। आज संजय सरावगी ने इसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को विधिवत सौंप दिया। ये तमाम बदलाव बिहार सरकार के मंत्रियों के केंद्र की राजनीति में प्रवेश और आगामी सांगठनिक फेरबदल की ओर इशारा कर रहे हैं।