G7 शिखर सम्मेलन का अंतिम दिन
वैश्विक नेताओं का संयुक्त बयान जारी

मजबूत युद्धविराम की जोरदार मांग 

फ्रांस। स्टार समाचार वेब

फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन वैश्विक नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर लेबनान में तत्काल और मजबूत युद्धविराम (Ceasefire) की जोरदार मांग की है। यह बैठक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

G7 देशों का सख्त रुख: 'लेबनान की संप्रभुता सर्वोपरि'

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, G7 देशों ने जारी संयुक्त बयान में कहा कि वे लेबनान में तुरंत सीजफायर चाहते हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि वे लेबनान के उन प्रयासों का समर्थन करते हैं, जिनका लक्ष्य हिज्बुल्लाह को हथियार मुक्त करना और देश की सुरक्षा व संप्रभुता पर सरकारी नियंत्रण स्थापित करना है। इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी ने वैश्विक चर्चा को और तेज कर दिया है।

इजरायल का हमला और शांति प्रयासों के बीच विरोधाभास

शांति वार्ता और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, इजरायल ने दक्षिण लेबनान में सैन्य हमले जारी रखे हैं। हालिया हमले में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब विश्व नेता फ्रांस में शांति स्थापित करने के लिए मंथन कर रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युद्ध के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस दौरान, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में बनी रही।

'गेमचेंजर' साबित होगी अमेरिका-ईरान डील: मार्क कार्नी

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील को मिडिल ईस्ट संकट के लिए एक 'गेमचेंजर' करार दिया है। सीएनएन से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल लेबनान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यूक्रेन सहित अन्य वैश्विक संघर्षों को देखने का नजरिया भी बदलेगा।

NATO ने किया डील का स्वागत

NATO के महासचिव मार्क रुटे ने भी इस समझौते का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की योजना को एक साहसी और बड़ा कदम बताया है। रुटे ने कहा कि फ्रांस और यूके के नेतृत्व वाली इस पहल को कई सहयोगी देशों का समर्थन प्राप्त है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत है