मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत के लिए राहत! रूस और अमेरिका से कच्चे तेल व गैस के जहाज गुजरात और मंगलुरु पहुंचे। सरकार ने 23 मार्च से राज्यों की एलपीजी सप्लाई 20% बढ़ाने का फैसला किया है।
By: Ajay Tiwari
Mar 22, 20265:59 PM
होर्मुज । स्टार समाचार वेब
दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में जारी संघर्ष के बावजूद भारतीय टैंकरों ने अपनी सप्लाई चेन को बरकरार रखा है। रविवार को अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर एक कार्गो शिप मंगलुरु पोर्ट पहुंचा, जबकि रूस से क्रूड ऑयल लेकर एक अन्य जहाज ने भारतीय तट पर दस्तक दी।
| तारीख | जहाज का नाम | सामग्री | मात्रा (लगभग) | बंदरगाह |
| 22 मार्च | टेक्सास कार्गो | LPG | - | मंगलुरु पोर्ट |
| 18 मार्च | जग लाडकी | कच्चा तेल | 80,886 मीट्रिक टन | मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) |
| 17 मार्च | MT नंदा देवी | LPG | 46,000 मीट्रिक टन | वडीनार (जामनगर) |
| 16 मार्च | MT शिवालिक | LPG | 46,000 मीट्रिक टन | मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) |
28 फरवरी 2026 को अमेरिका के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद ईरान और इजराइल के बीच युद्ध छिड़ गया है। इस कारण होर्मुज स्ट्रेट, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, असुरक्षित हो गया है। दुनिया का 20% तेल इसी 167 किमी लंबे मार्ग से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का 80-85% LPG इसी रास्ते से मंगवाता है। फारस की खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, हालांकि वे सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
देश में गैस की संभावित किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। 23 मार्च से राज्यों को मिलने वाली एलपीजी सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी की जाएगी। सामुदायिक रसोई, अस्पतालों, होटलों और औद्योगिक कैंटीनों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता मिलेगी। मजदूरों को 5 किलो वाले 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों को सख्त निगरानी रखने और अफवाहों से बचने के निर्देश दिए हैं।