ईरान ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ट्रम्प की पावर प्लांट नष्ट करने की धमकी और ईरान की भारत से मदद की गुहार के बीच मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा।
By: Ajay Tiwari
Mar 22, 20263:28 PM
ईरान. स्टार समाचार वेब
ईरान ने इजराइल की ओर 4 घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। 'टाइम्स ऑफ इजराइल' के अनुसार, इन हमलों में बच्चों समेत 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजराइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने हवा में कई मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन अराद शहर में हुए हमले में 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए, जिनमें से 10 की हालत नाजुक बनी हुई है।
इससे पहले शनिवार रात ईरान ने डिमोना (Dimona) को निशाना बनाया था, जहाँ इजराइल का मुख्य न्यूक्लियर प्लांट स्थित है।
तनाव तब और बढ़ गया जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर ईरान को सीधी चेतावनी दी। ट्रम्प ने लिखा:
"अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट पर हमला करेगा।"
इसके जवाब में ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को छुआ गया, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशक्यान ने शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। पजेशक्यान ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि ब्रिक्स (BRICS) को बिना किसी बाहरी दबाव के इस युद्ध को रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। ईरान ने सुझाव दिया कि मध्य पूर्व के देशों को मिलकर अपना एक स्वतंत्र 'सुरक्षा सिस्टम' बनाना चाहिए ताकि बाहरी देशों (विशेषकर अमेरिका) का दखल कम हो सके।
| क्षेत्र | घटना का विवरण | प्रभाव |
| मिसगव (इजराइल) | लेबनान (हिजबुल्लाह) की ओर से रॉकेट हमला | एक कार पर रॉकेट गिरने से 1 व्यक्ति की मौत |
| बगदाद (इराक) | अमेरिकी ठिकाने (एयरपोर्ट के पास) पर रातभर हमले | ड्रोन और रॉकेट से कुल 8 हमले किए गए |
| बहरीन | एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा कार्रवाई | अब तक 145 मिसाइल और 246 ड्रोन मार गिराए |
| GCC (खाड़ी देश) | ईरान के आरोपों को खारिज किया | खाड़ी देशों ने ईरान पर तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का आरोप लगाया |
रक्षा विशेषज्ञों का मत: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए जीवन रेखा है। यदि यह बंद होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।