1 मार्च 2026 का विस्तृत पंचांग जानें। आज फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी, पुष्य नक्षत्र और प्रदोष व्रत का शुभ संयोग है। यहाँ देखें सूर्योदय, सूर्यास्त और आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी।
By: Star News
Mar 01, 20261:14 AM
धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, 1 मार्च 2026 को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। यह दिन रविवार का है और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन 'प्रदोष व्रत' रखा जाएगा। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है। आज के पंचांग में नक्षत्र पुष्य है, जिसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और यह सभी मांगलिक कार्यों के लिए बहुत शुभ होता है।
दिनांक: 1 मार्च 2026
दिन: रविवार
मास: फाल्गुन (पूर्णिमांत और अमांत दोनों)
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: त्रयोदशी (शाम 07:09 बजे तक, उसके बाद चतुर्दशी प्रारंभ)
नक्षत्र: पुष्य (सुबह 08:34 बजे तक, उसके बाद अश्लेषा नक्षत्र)
योग: शोभन (दोपहर 02:33 बजे तक, उसके बाद अतिगंड योग)
करण: कौलव (सुबह 07:54 बजे तक), तैतिल (शाम 07:09 बजे तक)
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि: कर्क (पूरा दिन-रात)
सूर्योदय: सुबह 06:46 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:21 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 03:52 बजे
चंद्रास्त: सुबह 05:44 बजे (2 मार्च)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:57 बजे तक (किसी भी नए कार्य के लिए श्रेष्ठ)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:07 बजे से 05:57 बजे तक
अमृत काल: उपलब्ध नहीं (आज पुष्य नक्षत्र के कारण दिन भर सकारात्मक ऊर्जा रहेगी)
राहुकाल: शाम 04:54 बजे से 06:21 बजे तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)
यमगण्ड: दोपहर 12:33 बजे से 02:00 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 03:27 बजे से 04:54 बजे तक
1 मार्च 2026 को रवि प्रदोष व्रत है। रविवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को करने से आरोग्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है। शाम के समय (प्रदोष काल) में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना विशेष फलदायी होगा।